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रतलाम (IV News) शासकीय कार्यों में लापरवाही और निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा नहीं करने के मामलों में रतलाम जिला प्रशासन ने पटवारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने कार्रवाई करते हुए एक परिवीक्षाधीन पटवारी की सेवा समाप्त कर दी है, जबकि 12 पटवारियों को दीर्घ शास्ति के आरोप-पत्र जारी किए गए हैं। इसके अलावा 53 परिवीक्षाधीन पटवारियों को अंतिम चेतावनी देकर कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने का अवसर दिया गया है।
स्वामित्व योजना, फार्मर रजिस्ट्री और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में लापरवाही को लेकर की गई इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि प्रशासन ने शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसेवा से जुड़े दायित्वों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।
एक पटवारी की सेवा समाप्त, पहले चार पर भी हुई थी कार्रवाई
कलेक्टर अजय कटेसरिया ने तहसील पिपलोदा में पदस्थ परिवीक्षाधीन पटवारी रजनीश राज रैगा की परिवीक्षा समाप्त करते हुए उन्हें पद से पृथक कर दिया है। उनकी नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर हुई थी।
इससे पहले स्वामित्व योजना के कार्यों में लापरवाही के आधार पर चार पटवारियों को बर्खास्त किया जा चुका है। इस तरह प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि परिवीक्षा अवधि में भी कर्तव्यों के प्रति लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
12 पटवारियों को दीर्घ शास्ति के आरोप-पत्र
स्वामित्व योजना, फार्मर रजिस्ट्री और अन्य निर्धारित शासकीय कार्य समय पर पूरे नहीं करने के मामले में जिले के 12 पटवारियों को दीर्घ शास्ति संबंधी आरोप-पत्र जारी किए गए हैं।
आरोप-पत्र प्राप्त करने वाले पटवारियों में दयाराम गुर्जर (करमदी), अनामिका ओहरी (गोपालपुरा), शैलेन्द्र व्यास (बिबड़ौद), भरत राठौर (सागोद, नगरा), राजेश रावल (हरथली), राजीव योगी (कनेरी), सीमा राठौर (मोरवनी), संतोष राठौर (अमलेटा), तेजवीर सिंह चौधरी (घटला), विजय सोंदल (जड़वासा खुर्द), अंकित परिहार (ईश्वरथुनी) और वीरेन्द्र सोलंकी (सालाखेड़ी) शामिल हैं।
इन सभी के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित कर्मचारियों के जवाब और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपों का परीक्षण होगा। आरोप प्रमाणित होने पर नियमानुसार दीर्घ शास्ति दी जा सकती है। हालांकि, आरोप-पत्र जारी होना अंतिम दंडादेश नहीं है।
53 पटवारियों को मिला सुधार का अंतिम मौका
प्रशासन ने सैलाना के 16, आलोट के 22 और जावरा के 15 परिवीक्षाधीन पटवारियों सहित कुल 53 पटवारियों को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किए हैं। उन्हें अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार करने और सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं।
चेतावनी के साथ स्पष्ट किया गया है कि यदि कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और लापरवाही जारी रही, तो संबंधित पटवारियों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
कलेक्टर बोले—नौकरी के साथ जनता के प्रति जवाबदेही भी जरूरी
कलेक्टर अजय कटेसरिया ने कहा कि शासकीय नौकरी प्राप्त करना कठिन होता है और इससे कर्मचारी तथा उसके परिवार की अनेक आशाएं जुड़ी होती हैं। लेकिन शासकीय सेवा के साथ जनता के प्रति जिम्मेदारी और शासन के निर्देशों का पालन करने का दायित्व भी आता है। आदेशों की अवहेलना और सौंपे गए कार्यों में लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि परिवीक्षा अवधि कर्मचारियों के लिए अपनी कार्यक्षमता, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा साबित करने का अवसर होती है। यदि इसी अवधि में कर्मचारी अपने दायित्वों के प्रति गंभीरता नहीं दिखाते, तो उनकी सेवा को जारी रखने पर विचार करना आवश्यक हो जाता है।
रिक्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी
सेवा से पृथक किए गए पटवारियों के रिक्त पदों पर पात्र आवेदकों को अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका उद्देश्य पात्र आश्रित परिवारों को सहारा देने के साथ रिक्त पदों पर आवश्यक शासकीय सेवाएं सुनिश्चित करना है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश: शासकीय योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन, राजस्व कार्यों में जिम्मेदारी और आम जनता की समस्याओं का समाधान कर्मचारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी, जबकि सुधार का अवसर पाने वाले कर्मचारियों से तत्काल परिणाम देने की अपेक्षा की गई है।

By V meena

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