
रतलाम/बाजना ( ivnews ) बाजना जनपद के ग्राम कुंदनपुर के समीप नवागांव में बुधवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब घर में सो रही एक महिला की आंख खुली तो सामने करीब साढ़े पांच फीट लंबा मगरमच्छ खड़ा था। मगरमच्छ मुंह खोलकर महिला की ओर बढ़ रहा था। घबराई महिला अपने सात वर्षीय बेटे को लेकर छोटी खिड़की से बाहर निकल गई।
सीताबाई पत्नी स्व. केसु डोडियार मजदूरी करती हैं। घटना के समय वह अपने छोटे बेटे के साथ घर में सो रही थीं। घर का दरवाजा खुला था और इसी रास्ते से मगरमच्छ के अंदर आने की आशंका जताई जा रही है। बाहर निकलते ही सीताबाई ने शोर मचाकर पड़ोसियों को जगाया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद रस्सियों की मदद से मगरमच्छ को काबू में किया।
रातभर ग्रामीण करते रहे निगरानी
ग्रामीणों के अनुसार सूचना देने के बावजूद रात में पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने मगरमच्छ को पिकअप में रखकर बाजना ले जाने का प्रयास किया, लेकिन वहां जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिले। बाद में उसे नदी में छोड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन नदी के पास पहुंचने पर मगरमच्छ अधिक ताकतवर नजर आया। इसके बाद ग्रामीण उसे वापस लाकर निर्माणाधीन महादेव मंदिर के पास बांधकर रातभर निगरानी करते रहे।
सुबह वन विभाग ने लिया कब्जे में
सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को वन परिक्षेत्र कार्यालय बाजना ले गई। रेंजर अमित सोनी की मौजूदगी में वेटरनरी डॉक्टर फिरोज खान ने उसका परीक्षण किया। मगरमच्छ की उम्र करीब दो वर्ष, जबकि लंबाई करीब 170 सेंटीमीटर (5 फीट 7 इंच) बताई गई है। फिलहाल उसे पिंजरे में रखा गया है।
माही डेम से करीब 20 किमी दूर है नवागांव
नवागांव माही डेम से करीब 20 किलोमीटर दूर है। क्षेत्र की तेलनी नदी भी माही नदी तंत्र से जुड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्रोतों में पानी कम होने के कारण जंगली जीव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं। क्षेत्र में तेंदुए की आवाजाही बढ़ने की बात भी ग्रामीणों ने कही है।
हालांकि मगरमच्छ नवागांव तक कैसे पहुंचा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। माही डेम और तेलनी नदी से क्षेत्र के जुड़ाव के कारण जलस्रोतों के रास्ते उसके पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन वन विभाग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
