
रतलाम। (ivnews) स्वामित्व योजना में पटवारियों की भूमिका को लेकर शासन और पटवारी संघ के बीच 17 सितंबर से जारी गतिरोध अब और गहरा गया है। रतलाम ग्रामीण तहसील में चार परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवा समाप्त किए जाने के बाद पटवारी संघ ने विरोध तेज करते हुए 7 अक्टूबर से ऑनलाइन राजस्व कार्य बंद करने और सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ने का निर्णय लिया है। संघ ने कार्रवाई वापस नहीं होने पर 8 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
चार परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त
कलेक्टर एवं नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी अजय कटेसरिया ने रतलाम ग्रामीण तहसील में पदस्थ अंकित गुप्ता, शैलेन्द्र प्रताप राठौड़, सौरभ पुरोहित और यशवर्धन शर्मा की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं।प्रशासन के अनुसार यह निर्णय इन पटवारियों की परिवीक्षा अवधि के दौरान कार्य निष्पादन, निर्धारित दायित्वों के निर्वहन और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन के समग्र मूल्यांकन के आधार पर लिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि स्वामित्व योजना के तहत स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन एवं पंजीयन के लिए समयबद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसमें पटवारियों को हितग्राहियों एवं आवेदकों के सत्यापन, आवेदन संबंधी कार्रवाई, अधिकार अभिलेखों एवं विलेखों को अद्यतन रखने तथा निर्धारित कार्यों के समयबद्ध निष्पादन की जिम्मेदारी दी गई है।संबंधित पटवारियों के कार्यों की समीक्षा में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप अपेक्षित प्रगति और दायित्वों का संतोषजनक निर्वहन नहीं पाया गया। प्रशासन के मुताबिक इसी समग्र मूल्यांकन के आधार पर उन्हें सेवा में बनाए रखना उचित नहीं पाया गया।
पटवारी संघ ने जताया विरोध
इधर मध्यप्रदेश पटवारी संघ, शाखा रतलाम के जिलाध्यक्ष गोपाल रावत ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सेवा समाप्ति की कार्रवाई पर विरोध जताया है। संघ का कहना है कि पटवारी किसी सरकारी योजना के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि उनकी आपत्ति स्वामित्व योजना में पटवारी को निष्पादक की भूमिका दिए जाने को लेकर है।संघ के अनुसार पटवारी पीएम किसान, फार्मर रजिस्ट्री सहित विभिन्न विभागों से जुड़े कार्य करते रहे हैं। उनका कहना है कि स्वामित्व योजना में संपत्ति के रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर होने पर दस्तावेजी प्रक्रिया में शामिल पटवारियों के सामने भविष्य में कानूनी जिम्मेदारी का जोखिम हो सकता है।
रिकॉर्ड की त्रुटियों और नक्शों को लेकर सवाल
पटवारी संघ ने दावा किया है कि कई स्थानों पर नाम, रकबा और चौहद्दी संबंधी त्रुटियां लंबित हैं। कुछ मामलों में एक ही मकान अलग-अलग व्यक्तियों के नाम दर्ज होने जैसी विसंगतियों का भी संघ ने उल्लेख किया है।संघ का यह भी कहना है कि कई संपत्तियों के नक्शे पटवारियों के पास हार्ड कॉपी या सॉफ्ट कॉपी में उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में मौके की वास्तविक स्थिति और रिकॉर्ड का मिलान करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।पटवारी संघ का तर्क है कि इन विसंगतियों के निराकरण के बिना आगे की प्रक्रिया में शामिल होने पर भविष्य में विवाद और कानूनी कार्रवाई की स्थिति बन सकती है।
7 अक्टूबर से ऑनलाइन काम बंद
सेवा समाप्ति की कार्रवाई के विरोध में पटवारी संघ ने 7 अक्टूबर से रतलाम सहित प्रदेशभर में ऑनलाइन राजस्व कार्य बंद करने का निर्णय लिया है। संघ के अनुसार पटवारियों ने सरकारी व्हाट्सएप ग्रुपों से भी बाहर निकलना शुरू कर दिया है।संघ ने रतलाम में चार पटवारियों की सेवा समाप्ति और प्रदेश के अन्य जिलों में की गई निलंबन की कार्रवाई वापस लेने की मांग की है।
8 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
पटवारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो 8 अक्टूबर से रतलाम जिले के सभी पटवारी टोटल शटडाउन कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे और पूर्ण रूप से कार्य से विरत रहेंगे। अब इस पूरे विवाद में प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई कार्य निष्पादन और परिवीक्षा अवधि के मूल्यांकन के आधार पर की गई है, जबकि पटवारी संघ इसे स्वामित्व योजना में उनकी भूमिका और संभावित कानूनी जिम्मेदारियों से जोड़कर देख रहा है। दोनों पक्षों के बीच गतिरोध के चलते आने वाले दिनों में जिले में राजस्व संबंधी कार्यों पर असर पड़ने की संभावना बनी हुई है।
