
रतलाम ( ivnews ) सांदीपनि विद्यालय विनोबा, रतलाम ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए फिक्की समर्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘अराइज अवॉर्ड’ अपने नाम किया है। विद्यालय को यह सम्मान ‘टीचर्स प्रोफेशनल डेवलपमेंट’ श्रेणी में देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मिला।
नई दिल्ली के डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित फिक्की के अराइज लर्निंग फेस्टिवल-2026 के दौरान विद्यालय के उप प्राचार्य एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक गजेन्द्र सिंह राठौर ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। उन्हें फिक्की के सीनियर डायरेक्टर डॉ. राजेश पंकज, अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविद पैट्रिक दरहम एवं निकोले बेंचार्ड तथा अराइज के अध्यक्ष डॉ. अरुणभ सिंह ने ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र प्रदान किया।
तीन चरणों की प्रक्रिया के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चयन
अराइज अवॉर्ड के लिए देशभर के विद्यालयों ने तीन चरणों में अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। पहले चरण में विद्यालयों में संचालित शिक्षकों के व्यावसायिक विकास से जुड़े विभिन्न प्रकल्पों, उनके निरंतर क्रियान्वयन और परिणामों का आकलन किया गया। दूसरे चरण में संबंधित दस्तावेज और उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया गया।
तीसरा चरण 12 सितंबर को नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में आयोजित हुआ। इसमें राष्ट्रीय ग्रैंड जूरी के समक्ष सांदीपनि विद्यालय विनोबा के ‘टीचर प्रोफेशनल डेवलपमेंट मॉडल’ का प्रस्तुतीकरण उप प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर ने किया। उन्होंने विद्यालय में विकसित ‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ मॉडल की कार्यप्रणाली और उसके प्रभावों को विस्तार से प्रस्तुत किया।
इस चयन प्रक्रिया के प्रथम चरण में देशभर के 700 से अधिक विद्यालयों ने भाग लिया था। तीसरे चरण तक विभिन्न श्रेणियों में चयनित 63 विद्यालय पहुंचे, जहां उनके कार्यों का प्रस्तुतीकरण और प्रश्नोत्तर सत्र हुआ।
श्रेष्ठ कार्यप्रणाली साझा करने पर जोर
उप प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर ने बताया कि सांदीपनि विद्यालय विनोबा में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के लिए एक ऐसा मॉडल विकसित किया गया है, जिसमें देश-दुनिया के अग्रणी विद्यालयों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा कर उनसे सीखने पर जोर दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि उद्देश्य ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार करना है, जिसमें शिक्षक लगातार सीखें, नए प्रयोग करें और अपनी शिक्षण पद्धति को बेहतर बनाते रहें। विद्यालय में शिक्षकों के लिए सतत व्यावसायिक विकास का एक मजबूत तंत्र विकसित किया जा रहा है, ताकि शिक्षक बदलाव के वाहक बन सकें और सीखने-सिखाने की प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ती रहे।
विद्यालय अब शिक्षण प्रक्रिया में स्व-गति आधारित एआई उपकरणों के एकीकरण की दिशा में भी कार्य कर रहा है। ‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ के साथ ‘द जेन सा मॉडल’, ‘ब्रूडिंग इफेक्ट’ और ‘शिक्षा एकीकरण मॉडल’ जैसे नवाचारों को भी विद्यालय की विकास यात्रा में जोड़ा जा रहा है।
संस्था की प्राचार्य संध्या वोरा ने शिक्षक विकास मॉडल की निरंतरता, सीखने की प्रक्रिया और उसके विद्यालय स्तर पर पड़ने वाले प्रभाव को रेखांकित किया।अराइज फेस्टिवल में शिखर धवन और डॉ. दीपक बागला ने भी किया संबोधित.फिक्की समर्थित अराइज लर्निंग फेस्टिवल-2026 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी शिखर धवन तथा अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग के मिशन डायरेक्टर डॉ. दीपक बागला ने भी अलग-अलग सत्रों में प्रतिभागियों को संबोधित किया।
2024 में भी मिला था अंतरराष्ट्रीय सम्मान
सांदीपनि विद्यालय विनोबा, रतलाम के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विद्यालय इससे पहले भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। वर्ष 2024 में विद्यालय ने नवाचार श्रेणी में विश्व के सर्वश्रेष्ठ विद्यालय का 10 हजार डॉलर का अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया था।
विद्यालय को दक्ष विद्यालय, राज्य शिक्षा केंद्र की ओर से मेडल और आईएसओ अवॉर्ड भी प्राप्त हो चुका है। प्रदेश में विद्यालय को ‘लाइट हाउस’ का दर्जा भी मिला है।
विद्यालय की शिक्षण पद्धतियों और नवाचारों को समझने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से 45 से अधिक विद्यालयों के 100 से अधिक शिक्षक एवं प्राचार्य यहां पहुंच चुके हैं।
टीम विनोबा को मिली बधाइयां
इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर जिला शिक्षा अधिकारी सिमरन सूर्यवंशी, योजना अधिकारी जितेंद्र जोशी, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष विजय मीणा, उपाध्यक्ष कमल पाटीदार सहित समिति सदस्यों ने टीम विनोबा को बधाई दी।
उन्होंने प्राचार्य संध्या वोरा, उप प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर सहित विद्यालय की पूरी शिक्षक टीम और सपोर्ट स्टाफ को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं।
विद्यालय की इस उपलब्धि ने रतलाम के साथ-साथ मध्य प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों को राष्ट्रीय मंच पर एक नई पहचान दिलाई है।
