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रतलाम ( ivnews ) अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर रतलाम की प्रतिष्ठित जवाहर व्यायामशाला एक बार फिर अपनी 41 वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भव्य चल समारोह निकालेगी। समारोह में अखाड़े के पहलवानों और कलाकारों द्वारा शस्त्र कला, मलखंभ और पारंपरिक व्यायाम विधाओं के रोमांचक प्रदर्शन किए जाएंगे।
इस वर्ष चल समारोह का प्रमुख आकर्षण मां कालिका द्वारा रक्तबीज संहार पर आधारित सजीव झांकी होगी। झांकी में पौराणिक कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें रक्तबीज के उस वरदान और उसके संहार की कथा को दर्शाया जाएगा, जिसमें उसके रक्त की प्रत्येक बूंद से नए दैत्य उत्पन्न होने की मान्यता है। इसी कारण मां काली द्वारा उसके रक्त को धरती पर गिरने से पहले ही ग्रहण कर उसका वध करने का प्रसंग झांकी के माध्यम से दिखाया जाएगा।
41 साल पहले शुरू हुई थी परंपरा
जवाहर व्यायामशाला की इस परंपरा की शुरुआत संस्थापक स्वर्गीय नारायण पहलवान ने करीब 41 वर्ष पूर्व की थी। तब से अखाड़े के माध्यम से शारीरिक व्यायाम, शस्त्र कला और पारंपरिक भारतीय खेलों की संस्कृति को आगे बढ़ाया जा रहा है।
जवाहर व्यायामशाला अंबर परिवार द्वारा प्रतिवर्ष अखाड़े और आकर्षक झांकियों के निर्माण के माध्यम से रतलाम की धर्मप्रेमी जनता को पारंपरिक संस्कृति और पौराणिक कथाओं से रूबरू कराया जाता है।
चल समारोह में मलखंभ के नन्हे कलाकारों के हैरतअंगेज प्रदर्शन भी देखने को मिलेंगे। राष्ट्रपति पदक विजेता मलखंभ प्रशिक्षक शेखर चॉवरे सहित प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में कलाकार मलखंभ पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
समारोह की तैयारियों और नेतृत्व में व्यायामशाला के संरक्षक दौलत जाट पहलवान, पूर्व निगम अध्यक्ष सुरेश जाट, संचालक वैभव जाट पहलवान, सूरज जाट पहलवान, अंबर जाट पहलवान, अभिषेक जाट पहलवान, मयंक जाट पहलवान, गौरव जाट पहलवान और अमन जाट पहलवान सहित व्यायामशाला के खलीफा ईश्वर बाबा, सचिव राजीव रावत, धन्ना उस्ताद, जगदीश भाई, भगवती लाल शर्मा, मनीष शर्मा, जितेंद्र सिंह राणावत और अर्जुन सिंह सहित अन्य सदस्य जुटे हुए हैं।
अनंत चतुर्दशी पर निकलने वाला यह चल समारोह रतलाम की पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति, शस्त्र कला, मलखंभ और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

By V meena

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