रतलाम (.ivnews ) रतलाम के दो वीडियो ने राजनीति में रिश्तों और व्यवहार के फर्क को उजागर कर दिया है. एक वीडियो मे तीन दिन पहले रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी श्रीमती गायत्री सोनी से बीजेपी जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ने राखी बंधवाई थी और बी जे पी जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ओद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी गायत्री सोनी को राखी का तोहफा देकर एक पारिवारिक भाई-बहन जैसे रिश्ते की गरिमा दिखा रहे है. लेकिन अब इसी थाने से जुड़ा एक और मामला सामने आया है जिसका भी वीडियो अब सोशियल मिडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो ने बीजेपी के आंतरिक व्यवहार और महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण पर सवाल खड़े कर दिए हैं.दरअसल उसी औद्योगिक क्षेत्र थाने में दो दिन बाद बीजेपी जिला महामंत्री निर्मल कटारिया अपने नाबालिग भतीजे को छुड़ाने पहुंचे, जिसे ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चलाने के आरोप में पकड़ा था.वहां कटारिया जी ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई और थाना प्रभारी गायत्री सोनी से तीखी बहस करने लगे. हैरानी की बात यह रही कि जिससे कटारिया बहस कर रहे थे, वही थाना प्रभारी हैं जिन्हें दो दिन पहले ही बीजेपी जिला अध्यक्ष राखी बांधवा चुके हैं..
इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया और सियासी हलकों में कई सवाल उठने लगे हैं..

सवाल जो उठे है…?

  • क्या बीजेपी नेताओं के लिए रिश्तों की गरिमा केवल दिखावे तक सीमित है ?
  • क्या महिला अधिकारियों के साथ सम्मान तभी तक रहता है जब तक वे राजनीतिक दखल को ना टालें ?
  • क्या बीजेपी राखी जैसे पवित्र रिश्ते को राजनीतिक मंच पर महज एक प्रतीक की तरह उपयोग कर रही ?

सियासी हलकों में बीजेपी के दो चेहरों की चर्चा

रतलाम की इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि रिश्तों की गरिमा,कानून का पालन और महिला अधिकारियों के सम्मान के बीच जब राजनीति आ जाती है, तो सच्चाई की तस्वीर कहीं धुंधली हो जाती है. वायरल वीडियो ने ना केवल बीजेपी के आंतरिक व्यवहार को उजागर किया है बल्कि यह भी बताया है कि सत्ता और संबंधों की परिभाषा हर किसी के लिए एक सी नहीं होती..अब देखना ये है कि क्या बीजेपी संगठन इस घटनाक्रम पर कोई कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी यूं ही दबा दिया जाएगा.

By V meena

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