
रतलाम ( ivnews) मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग द्वारा राज्य में क्षेत्रीय आर्थिक विकास (Regional Economic Development) को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से G-Hub (Growth Hub)पहल प्रारंभ की गई है। इस पहल के अंतर्गत भोपाल आर्थिक क्षेत्र(BER) एवं इंदौर आर्थिक क्षेत्र(IER)को विकास के प्रमुख इंजन के रूप में विकसित करते हुए औद्योगिक, अवसंरचनात्मक, मानव संसाधन एवं संस्थागत क्षमताओं का समेकित आकलन कर दोनों क्षेत्रों के लिए इकनॉमिक प्लान तैयार किया जा रहा है।
इस संबंध में रतलाम में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह की उपस्थिति में जिला स्तरीय बैठक में विचार-विमर्श किया गया। बैठक में विजन-2047 एवं दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर(DMIC) के अंतर्गत उपलब्ध अवसरों को दृष्टिगत रखते हुए रतलाम जिले की विकास संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

’ग्रोथ हब फॉर सिटी रीजन की अवधारणा’
नीति आयोग भारत सरकार की इकोनॉमिक सलाहकार सुश्री एना रॉय ने बताया कि नीति आयोग द्वारा वर्ष 2023 में शहरी नियोजन हेतु “ग्रोथ हब फॉर सिटी रीजन” की नई अवधारणा प्रारंभ की गई है। वर्तमान में भोपाल एवं इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन की योजना तैयार की जा रही है, जिसमें रतलाम जिला इंदौर मेट्रोपोलिटन रीजन में महत्वपूर्ण घटक हैं।
’रतलाम जिले की औद्योगिक एवं निवेश संभावनाएं’
कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने बताया कि इंदौर ग्रोथ हब में रतलाम जिले को सम्मिलित किया गया है जिसमें रतलाम-नागदा एवं शाजापुर-देवास निवेश क्षेत्र आगामी औद्योगिक विकास के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। बैठक में संबंधित अधिकारियों से नीति आयोग के सदस्यों द्वारा चर्चा की गई। नवकरणीय ऊर्जा विण्ड एवं सौलर उर्जा की जिले में अपार संभावनाएं है। इसके लिए उद्योगों की ऊर्जा की आवश्यकताओं को देखते हुए आगामी 10 वर्षों के लिए योजना बनाई जाये। औद्योगिक क्षेत्र के लिए जिले में लैब, रिसर्च इंस्टीट्यूट को आईआईटी से लिंक किया जाए। उद्योगों में ट्रीटमेंट प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, एजुकेशन, अस्पताल, पुलिस स्टेशन, होटल, कमर्शियल इंटीग्रेटेड हाउसिंग की योजना को ध्यान में रख कर शहर के विकास के लिए योजना बनाई जाये। इण्डस्ट्रीयल एरिया सिटी से बाहर एकीकृत विकास के साथ विकसित किये जाये। इण्डस्ट्रीयल एरिया को फोकस करते है ट्रान्सपोर्ट के लिए रोड़, रेलवे एवं व्हीकल प्रस्तावित करें। आईटीआई में क्षेत्र में लगने वाले उद्योग की आवश्यकता के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाए ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करते ही युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो पाए।
हाउसिंग बोर्ड एवं रतलाम विकास प्राधिकरण आगामी 10 वर्षों के लिए शहर की आबादी की आवश्यकता के अनुसार आवास निर्माण का प्लान बनाये। उद्योगों में आपदा प्रबंधन सिस्टम एक्टिव एवं अपडेट करवाये।बैठक में उद्योगों से संबंधित नियामक अड़चनों, भूमि उपलब्धता, पर्यावरणीय चुनौतियों एवं कौशल अंतर को दूर करने हेतु समन्वित प्रयासों पर चर्चा की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर औद्योगिक विकास एवं जिले में अन्य विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यो को समन्वित करते हुए विकास की कार्य योजना नीति आयोग को भेजने के निर्देश दिए गये। बैठक में नीति आयोग के सहयोगी सदस्य अरूर्णोदय, अक्षत ठाकुर, मृदूद कारिमी, दीपक राना, सुश्री निहारिका गुप्ता, सार्थक कुमार प्रशासनिक अधिकारियों मे एडीएम डॉ शालिनी श्रीवास्तव,एडीसनल एसपी विवेक लाल, कमिश्नर नगर निगम अनिल भाना, पी. ओ डूडा अरूण पाठक सहित जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
