
रतलाम ( ivnews ) कांग्रेस के पूर्व विधायक के भतीजे और उद्योगपति जयेश झालानी को पुलिस ने जमीन की हेराफेरी के मामले मे गिरफ्तार किया है. मामले मे उद्योगपति के खिलाफ एफ आई आर रतलाम तहसीलदार के आवेदन पर हुई है. पुलिस ने उद्योगपति के खिलाफ धारा 420,467,468,471 मे प्रकरण दर्ज किया था. कांग्रेस से जुड़े इस उद्योगपति ने जमीन को सर्वे नंबर मे हेराफेरी कर दवा व्यवसाई और भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी को बेच दी थी. आरोपित जयेश झालानी कांग्रेस के उद्योग और व्यापार प्रकोष्ठ के संभागीय अध्यक्ष रहे.
पूरा मामला माहेश्वरी प्रोटीन्स की भूमि का है. कांग्रेस के पूर्व विधायक शिवकुमार झालानी के भतीजे जयेश झालानी पिता चैतन्य कुमार झालानी द्वारा माहेश्वरी प्रोटीन्स की भूमि सर्बे क्रमांक 269/1 रकबा 0.340 की फर्जी सेलडीड प्रस्तुत कर नामन्तरण करवा लिया गया था. इसके बाद जयेश झालानी ने इस भूमि का विक्रय कर नामन्तरण दवा व्यवसाई और भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष गौरव मूणत के नाम करा दिया गया. इसके बाद उच्च न्यायालय के ऑफिसियल लिक्विएडटर द्वारा पत्र लिखकर तहसीलदार रतलाम को बताया गया की भूमि सर्बे क्रमांक 269/1 का नामन्तरण गलत हुआ है. तत्पश्चात तहसीलदार रतलाम ने इस पत्र पर कार्रवाई करते हुए पाया की फर्जी सेल डीड के माध्यम से गलत तरीके से नामन्तरण कराया गया.

तहसीलदार ने लिखा था पुलिस एफआईआर के लिए पत्र……
रतलाम तहसीलदार द्वारा 30 जुलाई 2025 को स्टेशन रोड पुलिस को लिखें अपने पत्र क्रमांक 301/री-1/2025 मे बताया की दिनांक 10 अप्रैल 2024 को ऑनलाईन लोक सेवा पोर्टल के माध्यम से आवेदक जयेश झालानी द्वारा कस्बा रतलाम स्थित भूमि सर्वे कमांक 269/1 के नामान्तरण हेतु आवेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत किया गया, अपने आवेदन के साथ जयेश झालानी द्वारा प्रश्नाधीन भूमि की खसरा नकल लिखित आवेदन आधार कार्ड कमांक 678625420382 संलग्न किया गया। प्रश्नाधीन भूमि का ऑनलाईन डिजिटाईज नक्शा भी प्रस्तुत किया साथ में दिनांक 30/01/1985 का रजिस्ट्रर्ड विकय पत्र जिसमें केता माहेश्वरी प्रोटिन लेख है तथा भूमि सर्वे क्रमांक 269/1 रकबा 0.340 हे लेख है कि छायाप्रति प्रस्तुत की, माननीय उच्च न्यायालय के कम्पनी पिटीशन कमांक 2/2001 दिनांक 30/01/2003 की आदेश पत्रिका प्रकरण में प्रस्तुत की गई। इसी के साथ दिनांक 14/08/2008 की रजिस्टर्ड सेल लीड कमांक 1317 लेखी दिनाक 12/09/2008 प्रकरण में प्रस्तुत की जिसमें रजिस्टर्ड विक्रयपत्र के द्वितीय पृष्ठ की कडिका 2. 6, 7 कंडिका में विकीत भूमि का सर्वे कमांक 269/1 रकबा 0.340 है लेख है प्रस्तुत किया है। उक्त आवेदन पर कस्बा पटवारी से प्रतिवेदन तलब किया गया जिसमें उक्त भूमि 1956-57 की स्थिति में निजी दर्ज है। इसी के साथ जयश झलानी द्वारा एक रेगुलेशन पत्र कम्पनी अरबन डेवलपमेन्ट ट्रस्ट के डायरेक्टरों के हस्ताक्षर से जयेश झालानी को कम्पनी के समस्त कार्य करने हेतु अधिकृत करने का पत्र प्रस्तुत किया है। उपरोक्त तथ्यो को संज्ञान में लेकर दिनांक 23 जुलाई 2024 को प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजो एवं पटवारी प्रतिवेदन के आधार पर आदेश पारित किया गया तथा प्रश्नाधिन भूमि सर्वे नम्बर में आवेदक का नाम मेसर्स अर्बन डेवलपर्स दर्ज किया गया। उक्त प्रकरण का प्रकरण कमांक 0019/1-6/2024-25 दर्ज है। इसी प्रकार प्रकरण कमांक 0335/3-6/2024-25 में आवेदक अमित सेठी द्वारा प्रश्नाधीन भूमि सर्वे कमांक 269/1 रकबा 0.340 हे भूमि का नामान्तरण हेतु रजिस्टर्ड विकय पत्र दिनांक 01/08/2024 में खसरा सहित ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर हल्का पटवारी से रिपोर्ट तलब की गई, जिसमें
1956-57 में उक्त भूमि निजी दर्ज रही है। विक्रेता का नाम अंकित है जिसको सज्ञान में लेते हुए इस न्यायालय दवारा उपरोक्त दस्तावेजो एवं हल्का पटवारी प्रतिवेदन के आधार पर दिनांक 14/09/2024 को नामान्तरण आदेश पारित किया गया, इसके उपरांत प्रकरण कमांक 1049/3-6/2024-25 में सायबर तहसीलदार द्वारा 24/03/2025 को प्रश्नाधीन भूमि गौरव मुणत के नाम दर्ज कि गई। यह कि 10 जून 2025 को उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश के ऑफिशियल लिक्वीडेटर लेटर व्योमेश सेठ दद्वारा अपने पत्र कमांक OLI/माहेश्वरी Prot/Poss/1 को इस न्यायालय को पत्र प्रेषित किया गया कि भूमि सर्वे कमांक 269/1 का नामान्तरण गलत दर्ज है तथा भूमि को अवैध तरीके से बेचकर वर्ष 2024-25 में मि गौरव के नाम पर अंकित किया गया है यह कि वर्ष 2024-25 में प्रश्नाधीन भूमि पर गौरव का नाम अंकित आ रहा है जबकि उक्त स्थान पर मेसर्स माहेश्वरी प्रोटिन्स नाम दर्ज आना था और उभयपक्षों के बीच ऐसा कोई टुन्जेशन माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अधिकृत नही किया गया हो। उपरोक्त स्थिति में बिना किसी अधिकारिता के यह टुन्जेशन एवं कार्यवाही शन्यू है तथा निर्देश दिए गए है कि सात दिवस के भीतर प्रश्नाधीन भूमि पर मेसर्स माहेश्वरी प्रोटिन्स का नाम पुनः अंकित किया जावें। उक्त पत्र के तारतम्य में 18 जून 2025 को ऑफिशियल लिक्यीडेटर को इस कार्यालय के पत्र कमांक/449/री-1/2025 18 जून 2025 को सूचित किया गया कि आपके पत्र के तारतम्य में प्रकरणो में रिव्यू की कार्यवाही इस न्यायालय द्वारा प्रारम्भ कर दी गई है तथा रिव्यू अनुमति प्राप्त होने पर उक्त कार्यवाही संपादित की जावेंगी। इसी दौरान न्यायालय के द्वारा संज्ञान लेकर प्रकरण कमांक 0019/3-6/2024-25 में आवेदक द्वारा प्रस्तुत रजिस्ट्री कमांक 1317 दिनांक 14 अगस्त 2008 जो प्रस्तुत किया गया है यह प्रथम दृष्टया फर्जी व बोगस प्रतित होती है जिसकी पुष्टि हेतु इस न्यायालय के द्वारा पत्र कमांक 300/री-1/2025 दिनांक 30/07/2025 के माध्यम से विक्रय पत्र कमांक 1317 की सत्य प्रतिलिपी की मांग उप पंजीयक से की गई जो उपं पंजीयक के माध्यम से प्रदाय की गई जिसके अवलोकन उपरांत यह पाया गया कि उपरोक्त सीलडीड के प्रथम पन्ने के बाद जो विकय पत्र पृष्ठ आवेदक जयेश झालानी द्वारा प्रकरण में प्रस्तुत किये गये है जिससे भूमि सर्वे कमांक 269/1 रकबा 0.340 हे0 अंकित है जो कि उप पंजीयक द्वारा प्रदत्त की गई सेलडीड से भिन्न होकर फर्जी है तथा उसमें सर्वे कमांक 269/2 अंकित है। आवेदक जयेश झालानी द्वारा इस न्यायालय को भ्रम में रखकर फर्जी सेलडीड न्यायालय में प्रस्तुत कर गलत नामान्तरण करवाया गया जो कि राजस्व न्यायालय के साथ धोखाधड़ी एवं साक्ष्य अधिनियम के अंतर्गत फर्जी दस्तावेजों के प्रस्तुत करने की दशा में अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसी स्थिती में संबंधित आवेदक के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करते हुए प्राथमिकता दर्ज कर कार्यवाही करे तथा की गई कार्यवाही से इस न्यायालय को अवगत करवाना सुनिश्चित करे।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर की गिरफ्तारी……
रतलाम तहसीलदार के पत्र के बाद स्टेशन रोड पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी जयेश पिता चेतन्य झालानी निवासी 243, रामभवन गौशाला रोड रतलाम द्वारा छल पूर्वक अवैध लाभ अर्जन करने के आशय से मूल रजिस्ट्री में कूटरचना कर कूटरचित रजिस्ट्री को असल रुप में उपयोग में लाकर भूमि सर्वे क्रमांक 269/1 रकबा 0.340 है. के नामान्तरण प्रकिया की गई है एवं बाद नामांतरण के उक्त भूमि को अमित सेठी को विक्रय किया गया । आरोपी जयेश झालानी का कृत्य प्रथम दृष्टया धारा 420,467,468,471 भादवि के अंतर्गत प्रतीत होने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस ने आरोपी जयेश झालानी को गिरफ्तार भी कर कोर्ट मे पेश किया. जहा से जेल भेज दिया गया. लेकिन आरोपी की तबियत खराब होने से इलाज के लिए फिलहाल हॉस्पिटल के जेल वार्ड मे रखा गया है.
