
नामली. ( ivnews) नामली के चौराजी नारायण मंदिर को लेकर नामली मे बड़ा विवाद खड़ा हो गया। राजपूत समाज के नेतृत्व में सर्व समाज के सैकड़ों लोग मंदिर परिसर में एकत्रित हुए और नए पुजारी द्वारा किए जा रहे एकतरफा निर्माण और एकाधिकार के प्रयास का विरोध किया। प्रसाशन के हस्तशेप से विवाद का पटाशेप हुआ.
स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर करीब 100 वर्ष पुराना है और इसका संरक्षण व पूजा-व्यवस्था निर्माण काल से ही राजपूत समाज द्वारा निर्माण काल से की जा रही है। मंदिर से जुड़ी हुई करीब 1 बीघा से अधिक जमीन भी है। पूर्व पुजारी ज्ञानदास बैरागी ने जीवन भर यहां पूजन किया और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलती रहीं। पिछले वर्ष उनकी मृत्यु के बाद, उनके भतीजे, सेवानिवृत्त शिक्षक महेंद्रदास बैरागी ने बिना किसी समिति या प्रशासनिक अनुमति के मंदिर में पूजा करने लगे और स्वयं को पुजारी घोषित कर दिया।
निर्माण को लेकर उठा विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार महेंद्रदास द्वारा मंदिर परिसर में बिना अनुमति पक्के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही राजपूत समाज व अन्य श्रद्धालुओं को मंदिर में पूजा करने से भी रोका जा रहा था। महेंद्रदास स्वयं पूजा न कर 3,000 रुपये मासिक वेतन पर किसी अन्य व्यक्ति से पूजा करवा रहे हैं।
सर्व समाज समर्थन में पंहुचा
इस स्थिति से आक्रोशित होकर सोमवार को तूफानसिंह सोनगरा, शैलेंद्र सिंह सोनगरा, पृथ्वीराज सिंह सोनगरा, चट्टान सिंह राठौर, दिलीप सिंह सोलंकी (करणी सेना) समेत बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंचे। आसपास के लोग और पंचमुखी क्लब के सदस्य भी महेंद्रदास की कार्यप्रणाली से नाराज दिखे। क्लब को भी सेवा कार्यों से रोका गया, यहां तक कि गणेश स्थापना की अनुमति भी नहीं दी गई।
प्रशासन ने लिया एक्शन, नया पुजारी नियुक्त
स्थिति को देखते हुए एसडीओपी किशोर पाटनवाला और थाना प्रभारी कन्हैयालाल आयस्क मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इस बीच मंदिर में भीड़ लगी रही। एसडीएम संदीप इनवे भी पंहुचे और दोनों पक्षों से चर्चा की। करीब 2 घंटे तक चले हंगामे के बाद प्रशासन ने फिलहाल नए पुजारी को नियुक्त कर दिया है। एसडीएम ने बताया कि मंदिर शासन के अधीन है, और विवाद को देखते हुए महेंद्रदास बैरागी को हटा दिया गया है। उनकी जगह बलवंत गिरी गोस्वामी को नया पुजारी नियुक्त किया गया है।
प्रशासन ने करवाया पूजन
प्रशासन ने लगभग दो घंटे चले विवाद के बाद नए पुजारी से विधिवत पूजन भी करवाया। अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि मंदिर सभी के लिए खुला रहेगा और दर्शन, पूजा आदि पर कोई रोक नहीं होगी। इस मौके पर राजपूत समाज और पंचमुखी क्लब द्वारा प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें जिसमें मांग की गई कि बिना अनुमति कोई भी निर्माण कार्य न किया जाए और सभी धार्मिक आयोजन पारंपरिक स्वरूप में संपन्न हों। आगामी गणेश उत्सव में हर साल के अनुसार ही मंदिर परिसर में गणेश स्थापना तथा ाांकी भी बांधी जाएगी जिसकी अनुमति भी दी जाए।
