
रतलाम ( IVNEWS ) शहर के बिल्डर अनिल झालानी की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी. अनिल झालानी के खिलाफ पुलिस ने जमीन की अफरा तफरी के मामले मे प्रकरण दर्ज किया था. उनके खिलाफ पुलिस ने यह प्रकरण भाजपा नेता मनीष शर्मा द्वारा की गई शिकायत की. जांच के बाद दर्ज हुआ था.
रतलाम शहर के बीरियाखेड़ी क्षेत्र में सर्वे नंबर 150/8 और 150/1/2/1 की भूमि श्रीराम इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन, जो एक भागीदारी फर्म है, के नाम पर मुख्तियारनामे के माध्यम से आवंटित की गई थी। श्रीराम इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन के भागीदार अनिल झालानी ने इस भूमि का उपयोग कॉलोनी के विकास हेतु अनुमति लेकर विभिन्न भूखंडों का विक्रय किया।
इस दौरान श्री झालानी ने मोहन नगर गृह निर्माण समिति का निर्माण कर कई भूखंडों को समिति को आवंटित कर दिया। लेकिन आरोप है कि इस प्रक्रिया में श्रीराम इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन के नाम पर जो भूमि थी, उससे अधिक भूमि का आवंटन कर दिया गया। जिसमे पड़ोसी कॉलोनी विवेकानंद गृह निर्माण समिति की भूमि पर अतिक्रमण हुआ और अवैध रूप से रजिस्टर्ड विक्रय पत्र तैयार कर दिए गए।
विवेकानंद गृह निर्माण समिति के अध्यक्ष एवं भाजपा नेता मनीष शर्मा द्वारा इसकी शिकायत की गई.शिकायत के आधार पर मामले की जांच के लिए गठित संयुक्त जांच समिति ने इसे एक आपराधिक मामला पाया। इसके पश्चात औद्योगिक क्षेत्र थाना, रतलाम पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कर श्री अनिल झालानी को मुख्य आरोपी बनाया।मामले में अन्य आरोपियों की भी पहचान की जा रही है, जिन्होंने मोहन नगर गृह निर्माण समिति के क्रय-विक्रय में भागीदारी की है. बिल्डर अनिल झालानी ने अग्रिम जमानत के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है।मामला अब रतलाम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन द्वारा मामले में सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है
