
रतलाम शहर में पर्यावरण के साथ हो रही छेड़छाड़ को लेकर अब जनता को जाग्रत करने के लिए कुछ समाजसेवी संगठन आगे आये है। इन संगठनों ने पर्यावरण जागरूकता के लिए शहर में चौराहे चौराहे पर अलख जगाने का एक अभियान शुरू किया है।
रविवार को भरी बारिश में भीगते हुए इस अभियान की शुरुवात समाज सेवी संगठनों के सदस्यों ने की। इन संगठनों ने पर्यावरण जागरूकता के लिए मानव श्रंखला भी बनाई। समाजसेवी संगठनों के सदस्यों का कहना था कि शहर में विकास के नाम पर पेड़ को काटा जा रहा है। पेड़ सिर्फ ऑक्सीजन नहीं देते, बल्कि इनका महत्व हर प्रकार के धर्म की पुस्तक से लेकर ग्रंथ में है। जो पेड़ काट रहे है, उनको महापाप लगेगा। ऐसे लोगों की जगह जेल होना चाहिए। शहर में रतलाम के पर्यावरण को बचाने के लिए चिंता होने लगी है।
अभियान की सूत्रधार प्रबल वेलफेयर संस्था की अदिति दवेसर थी। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजसेवी संगठन के सदस्यों ने उपस्थित होकर ये संदेश दिया कि वे पर्यावरण के साथ हो रही छेड़छाड़ के सख्त खिलाफ है। वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ राज्य में हरित प्रदेश अभियान चलता है, मप्र को ग्रीन करने की बात होती है, दूसरी तरफ बड़ी संख्या में पेड़ काटकर पर्यावरण को खराब किया जा रहा है।

इसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान अदिति दवेसर, अदिति मिश्रा, अनिल झालानी, पारस सकलेचा, बबीता नागर पार्षद आशा रावत, राजीव रावत, सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी उपस्थित रहे।
