
रतलाम (IV News)। जिले में स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही और धीमी प्रगति को लेकर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने सख्त रुख अपनाया है। योजना के तहत स्वामित्व रजिस्ट्रियां तैयार करने के कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर कलेक्टर ने तीन तहसीलदारों को चेतावनी पत्र जारी किए हैं। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कार्य में तत्काल तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए। यदि इसके बाद भी प्रदर्शन में सुधार नहीं होता है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर द्वारा जारी चेतावनी पत्र प्राप्त करने वाले अधिकारियों में तहसीलदार पिपलौदा श्रीमती पिंकी साठे, तहसीलदार ताल श्री निर्भय सिंह गुर्जर तथा तहसीलदार रतलाम ग्रामीण श्री मनीष जैन शामिल हैं।
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स्वामित्व योजना की समीक्षा के दौरान सामने आए आंकड़े भी प्रशासन की चिंता बढ़ाने वाले हैं। तहसील ताल में अब तक निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले मात्र 17 प्रतिशत स्वामित्व रजिस्ट्रियां ही पूर्ण हो सकी हैं। यहां कुल 2 हजार 574 रजिस्ट्रियां तैयार की गई हैं।

इसी तरह रतलाम तहसील में भी प्रगति 17 प्रतिशत पर ही अटकी हुई है। यहां अब तक 4 हजार 255 स्वामित्व रजिस्ट्रियां पूर्ण हुई हैं। वहीं पिपलौदा तहसील की स्थिति इससे भी पीछे है, जहां महज 16 प्रतिशत यानी 3 हजार 689 स्वामित्व रजिस्ट्रियों का कार्य ही पूरा हो पाया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने बढ़ाई सख्ती
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वामित्व रजिस्ट्री वितरण कार्यक्रम शीघ्र आयोजित करने की बात कही है। इसके मद्देनजर जिले में योजना की प्रगति को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है।
कलेक्टर अजय कटेसरिया ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि स्वामित्व रजिस्ट्री वितरण कार्यक्रम आयोजित होने से पहले जिले में स्वामित्व रजिस्ट्रियों का कार्य शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर तेजी से काम करने और नियमित रूप से प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब देखना होगा कि चेतावनी पत्र जारी होने के बाद संबंधित तहसीलों में काम की रफ्तार कितनी बढ़ती है और प्रशासन निर्धारित समय में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर पाता है या नहीं।
