
रतलाम (ivnews ) शहीद भगत सिंह ने अपने विचारों के माध्यम से क्रांति का सूत्रपात किया और अंग्रेजी हुकूमत के सामने बड़ी चुनौती पेश की। वे लोकतांत्रिक व्यवस्था की स्थापना और अपने सपनों के भारत के निर्माण के लिए देश पर कुर्बान हो गए। उनके विचारों को आगे बढ़ाना, उनसे प्रेरणा लेना और उनके बताए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
यह बात वरिष्ठ कवि एवं अनुवादक प्रो. रतन चौहान ने शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर प्रोग्रेसिव स्टडी सर्किल द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।
प्रो. चौहान ने कहा कि भगत सिंह ने केवल अपने विचारों से ही नहीं, बल्कि अपने आचरण से भी समाज के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया। यही वजह है कि दशकों बाद भी भगत सिंह युवाओं और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
सामाजिक और आर्थिक समानता को माना देश का आधार
वरिष्ठ रंगकर्मी युसूफ जावेदी ने कहा कि भगत सिंह की दृष्टि में सामाजिक समानता और आर्थिक समानता देश की मजबूत नींव थीं। वे ऐसे भारत की कल्पना करते थे, जहां इंसानों के बीच किसी तरह का भेदभाव न हो और प्रत्येक व्यक्ति को उसका अधिकार मिले। ऐसा भारत ही भगत सिंह के सपनों का भारत हो सकता है।
वरिष्ठ शायर सिद्दीक रतलामी ने कहा कि भगत सिंह केवल क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि अच्छे शायर भी थे। उन्होंने अपनी शायरी और लेखन के माध्यम से युवाओं को प्रभावित किया तथा उनमें देश और समाज के प्रति चेतना पैदा की।
वरिष्ठ कवि रणजीत सिंह राठौर ने भगत सिंह की जेल डायरी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उनके जीवन और विचारों का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसमें उनके विचारों और चिंतन की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।
लेखन के जरिए भी युवाओं को किया प्रेरित
भगत सिंह की पत्रकारिता पर आधारित पुस्तक ‘समर में शब्द’ के लेखक आशीष दशोत्तर ने कहा कि भगत सिंह के भीतर का पत्रकार बेहद मजबूत था। उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से उस दौर के समाचार पत्रों में अनेक महत्वपूर्ण आलेख लिखे। उनके लेखों ने उस समय के युवाओं को जागरूक और प्रेरित करने का काम किया।
कार्यक्रम में आई.एल. पुरोहित, इंदु सिन्हा, नरेंद्र सिंह पंवार, जुझार सिंह भाटी, कीर्ति शर्मा, अनीस खान, पद्माकर पागे, गीता राठौर एवं चरणसिंह जादव, कला डामोर सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
चित्र पर माल्यार्पण कर किया भगत सिंह का स्मरण
कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित जनों द्वारा शहीद भगत सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस अवसर पर जनवादी लेखक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी में मनोनीत पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन मांगीलाल नगावत ने किया, जबकि आभार एस.के. मिश्रा ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में साहित्य, कला और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक सुधिजन उपस्थित रहे।
