
रतलाम ( ivnews ) खेल मैदान पर अपनी प्रतिभा दिखाने का सपना देखने वाले विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर रतलाम में एक गंभीर मुद्दा सामने आया है। श्री गुरु तेग बहादुर एकेडमी के विद्यार्थियों को SGFI (School Games Federation of India) से संबंधित स्कूल खेल प्रतियोगिताओं में अपेक्षित अवसर नहीं मिलने को लेकर भाजपा नेता यतेंद्र भारद्वाज ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
भारद्वाज का आरोप है कि स्कूल द्वारा खेलों के नाम पर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से वार्षिक शुल्क सहित अन्य मदों में राशि ली जाती है, लेकिन इसके बावजूद कुछ विद्यार्थियों को मध्य प्रदेश शासन से संबंधित स्कूल स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
उनके अनुसार, यदि किसी स्कूल द्वारा SGFI से जुड़ी प्रतियोगिताओं के लिए आवश्यक रजिस्ट्रेशन और शुल्क संबंधी प्रक्रियाएं समय पर पूरी नहीं की जाती हैं, तो इसका सीधा असर उन विद्यार्थियों पर पड़ता है, जो खेलों में आगे बढ़ने की क्षमता रखते हैं। ऐसे खिलाड़ी जिला, संभाग और राज्य स्तर से होते हुए राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।
जिला से राष्ट्रीय स्तर तक अवसर का सवाल
भारद्वाज ने कहा कि स्कूल खेल प्रतियोगिताएं प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। जिला और संभाग स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य तथा आगे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व का अवसर मिल सकता है। ऐसे में किसी भी प्रक्रियागत कमी के कारण यदि खिलाड़ी इन प्रतियोगिताओं से बाहर रह जाते हैं, तो उनके खेल करियर पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि क्लस्टर स्तर की प्रतियोगिताओं में खेलने का अवसर मिलना अपनी जगह महत्वपूर्ण है, लेकिन मध्य प्रदेश शासन से संबंधित स्कूल खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से खिलाड़ियों को मिलने वाले जिला, संभाग, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के अवसरों का महत्व अलग है।
अन्य स्कूलों का उदाहरण देकर उठाए सवाल
भारद्वाज के अनुसार, जानकारी सामने आई है कि कई अन्य CBSE मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान अपने विद्यार्थियों को विभिन्न मान्यता प्राप्त खेल प्रतियोगिताओं में भाग दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करते हैं। ऐसे में श्री गुरु तेग बहादुर एकेडमी के कुछ खिलाड़ियों को अवसर नहीं मिलने की स्थिति ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप की मांग
मामले को लेकर यतेंद्र भारद्वाज ने शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर विद्यार्थियों के खेल भविष्य से जुड़े इस विषय से अवगत कराया है। उन्होंने मांग की है कि प्रतिभावान खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की लापरवाही, भेदभाव या प्रक्रियागत कमी के कारण खेल प्रतियोगिताओं में अवसर से वंचित न होना पड़े।
भारद्वाज का कहना है कि प्रत्येक प्रतिभावान विद्यार्थी को अपनी क्षमता साबित करने के लिए उपलब्ध और मान्य खेल मंचों पर समान अवसर मिलना चाहिए, ताकि खेल प्रतिभाएं स्कूल स्तर से आगे बढ़कर जिला, संभाग, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकें।
