रतलाम (ivnews )

दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के दम पर रतलाम की छात्रा पूर्वी राठौड़ ने दिव्यांगता को मात देकर 12वीं बोर्ड परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर एक मिसाल पेश की है। पूर्वी, जो जन्म से नेत्र हीनता से जूझ रही हैं, ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा सफलता के रास्ते में नहीं आ सकती।
पूर्वी, लायंस क्लब द्वारा संचालित ज्ञानदीप हियरिंग इम्पेयरमेंट जन विद्यालय की छात्रा हैं। उन्होंने इस वर्ष माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 12वीं परीक्षा में हिंदी माध्यम से पीसीबी (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) विषयों में 65 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। खास बात यह है कि उन्होंने हिंदी में विशेष योग्यता भी हासिल की है।

प्राइवेट छात्रा के रूप में दी परीक्षा

पूर्वी बचपन से ही नेत्र हीन हैं। परिवार के सहयोग और विद्यालय के मार्गदर्शन से उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने पहले 10वीं की परीक्षा भी प्राइवेट रूप से पास की थी और इस वर्ष 12वीं की परीक्षा विनोबा हायर सेकेंडरी स्कूल से प्राइवेट छात्रा के रूप में दी।
कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम उस समय सामने आया जब परीक्षा परिणाम घोषित हुए और पूर्वी ने प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की।

अन्य छात्रों के लिए बनी प्रेरणा

विद्यालय के शिक्षकों और प्रबंधन का कहना है कि पूर्वी की यह सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणादायक है। विद्यालय में एक दर्जन से अधिक दिव्यांग विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिन्हें ब्रेल लिपि और विशेष शिक्षकों की मदद से शिक्षा दी जा रही है।
विद्यालय अध्यक्ष दिनेश कुमार, बाबूलाल चौधरी और राजेश भार्गव ने बताया कि पूर्वी भले ही दिव्यांग हैं, लेकिन उनकी प्रतिभा और मेहनत उन्हें खास बनाती है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

By V meena

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