रतलाम ( ivnews ) रतलाम मे एक आदिवासी पटवारी द्वारा फांसी लगाकर मोत को गले लगाने के बाद माहौल गरमा गया हैं.. सोशियल मिडिया पर मृत पटवारी द्वारा लिखें गए पत्र के वायरल होने के बाद जिले भर के पटवारियों मे आक्रोश फेल गया. पत्र मे मृत पटवारी ने एक महिला नायब तहसीलदार की प्रताड़ना का जिक्र किया.इस पत्र के बाद जिले भर के पटवारियों ने नायब तहसीलदार के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस थाना परिसर मे धरना आंदोलन शुरू कर दिया. पटवारियों को अधिकारियो ने चर्चा कर समझने का प्रयास किया लेकिन पटवारी अपनी मांग पक़र अडिग होकर धरना स्थल पर डटे हुए हैं. मृत पटवारी आदिवासी समाज से होने से सैलाना के आदिवासी विधायक कमलेश्वर डोडीयार भी रतलाम पहुंचे और पटवारियों के आंदोलन मे शामिल हो गए. .
रतलाम जिले के आलोट तहसील में पदस्थ पटवारी 33 वर्षीय रविशंकर खराड़ी पिता रत्नेश्वर खराड़ी रतलाम नगर के एमबी नगर में परिवार के साथ रहते है। परिवार में मां केसरबाई, पत्नी रीना खराड़ी, करीब साढ़े तीन वर्षीय रितिशा, छोटी बहन और छोटा भाई सिद्धार्थ खराड़ी है। छोटे भाई की शादी का रिसेप्शन 20 अप्रैल को था। पटवारी रिसेप्शन में शामिल नहीं हुआ। वह देर रात घर आया और सो गया था। मंगलवार दोपहर में वह अपने कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। परिजन उसे फंदे से उतारकर मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम 22 अप्रैल को सुबह कराया जाएगा। पुलिस ने कमरे से कुछ चीजे जब्त की.
भाई सिद्धार्थ खराड़ी ने पुलिस व मीडियाकर्मियों को बताया कि 20 अप्रैल को उसकी शादी का रिशेप्सन था। रात में रिशेप्सन समाप्त होने के बाद बड़ा भाई तीसरी माला पर स्थित अपने कमरे में जाकर सो गए थे। वह तथा अन्य परिजन नीचे वाले कमरों में सोए थे। वह 21 अप्रैल को सुबह करीब दस बजे भाई रविशंकर के कमरे पर गया तो वे लेटे हुए थे, चाय-नाश्ते के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि थोड़ी देर में आता हूं। इसके बाद दोपहर तीन बजे वापस उनके कमरे पर जाकर दरवाजा खटखटाया तो अंदर से आवाज नहीं आई। वह नीचे चला गया और फिर कुछ समय बाद भाभी रीना खराड़ी भाई को उठाने गई तो धक्का देने पर दरवाजा खुल गया। दरवाजा खुलते ही भाभी चिल्लाई की यह क्या हो गया? वे कमरे पर पहुंचे तो देखा भाई छत के पंखे पर पगड़ी से बंधे फंदे पर लटके हुए थे। उसने वह भाभी ने फंदा खोलकर रविशंकर को नीचे उतारा और मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित किया। पटवारी की मां केसरबाई ने बताया कि बेटे रविशंकर ने बताया था कि वह मैडम से परेशान है, उसने मैडम का नाम नहीं बताया था। बस यह कहा था कि मैडम परेशान कर रही है। कल एक फायनेंस कंपनी वाले भी आए थे, वह घर पर नहीं था, उसने कंपनी से लोन ले रखा था। वे यह पूछकर चले गए थे घर में कौन-कौन है।
पुलिस को पटवारी रविशंकर के कमरे से एक सादे कागज पर लिखा पत्र मिला है, जो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। पत्र में लिखा है कि मेरे ऊपर नायब तहसीलदार सविता राठौर द्वारा काम के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पहले भी उनके द्वारा नक्शा बंटाकन की मौका रिपोर्ट, पंचनामा, बंटाकन फर्द दबाव बनाकर चेंज कराई गई थी। नायब तहसीलदार द्वारा दबाव डालकर काम कराने के कारण में अपने छोटे भाई की शादी में भी ध्यान दे नहीं पाता हूं। कई परिचितों को पत्रिका देने का समय भी नहीं मिल पाया था। नायब तहसीलदार द्वारा कई बार मुझे अपने क्वार्टर पर बुलाकर यह भी कहा गया था कि भाई की शादी अच्छे से नहीं होने देगी। मेरे विरुद्ध कारण बताओ नोटिस निकाला जा रहा है। नायब तहसीलदार के साथ मैं दबावपूर्ण नौकरी नहीं कर सकता हूं।

इस पत्र के सोशियल मिडिया पर वायरल होने के बाद आदिवासी समाज मे आक्रोश फेल गया. बड़ी संख्या मे आदिवासी समाज के लोग मेडिकल कॉलेज पहुंचे. इधर पटवारी द्वारा सुसाइड. किये जाने और पत्र मे नायब तहसीलदार द्वारा प्रताड़ित करने की खबर फैलने के बाद जिला पटवारी संघ हरकत मे आ गया. आलोट क्षेत्र के कई पटवारी रतलाम मेडिकल कालेज पहुंच गये. घटना को लेकर तीखा आक्रोश जताया. इधर जिला पटवारी संघ अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार के साथ भी रतलाम और आसपास के पटवारी मेडिकल कालेज पहुंचे. वहा मृत पटवारी के परिजनों से. मिलकर घटना की जानकारी ली.उसके बाद सभी पटवारी रात साढ़े दस बजे रतलाम के ओद्योगिक थाना क्षेत्र पहुंचे. यहाँ वायरल पत्र और परिजनों के मुताबिक दी गई जानकारी के अनुसार आलोट की नायब तहसीलदार सविता राठौर के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने की मांग की. पुलिस ने जांच के बाद एफ आई आर दर्ज करने को कहा तो सभी पटवारी जिला अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार के नेतृत्व मे थाना परिसर. मे धरने पर बैठ गए. पटवारियों ने घोषणा कर दी की जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा. और बुधवार सुबह से जिले भर के पटवारी काम बंद कर हड़ताल करेंगे. पटवारियों की मांग को देखकर रतलाम एस डी एम आरची हरित तहसीलदार पिंकी साठे पुलिस थाने पहुंची. दोनों अधिकारियो ने जमीन पर बैठ कर पटवारियों से चर्चा की. लेकिन पटवारी अपनी मांग पर अड़े रहे. इसके कुछ देर बाद सैलाना के आदिवासी विधायक कमलेश्वर डोडीयार भी ओद्योगिक पुलिस थाना पहुंचे गए. उनके साथ जिला पंचायत प्रतिनिधि चंदू मईड़ा पहुंचे. और पटवारियों के साथ धरने पर बैठ गए.रात करीब तीन बजे तक समाचार लिखें जाने तक पटवारियों का थाना परिसर मे धरना जारी था. प्रसाशन द्वारा रात साढ़े तीन बजे आलोट नायाब तहसीलदार सविता राठौर को रतलाम जिला कार्यालय अटैच करने की बात रतलाम एस डी एम अर्चि हरित ने मिडिया को बताई

By V meena

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