
रतलाम ( ivnews ). लगभग चार साल पहले अपने घर पर किसान से भूमि की पावती बना कर देने के नाम पर रिश्वत लेते पकड़ाई महिला पटवारी को विशेष न्यायालय रतलाम ने 4 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2,000/- रूपए अर्थदण्ड से दण्डित किया. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम विशेष न्यायाधीश संजीव कटारे द्वारा यह सजा सुनाई.
जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती आशा शाक्यवार ने बताया गया कि 9.जुलाई 2021 को आवेदक गोपाल सिंह गुर्जर पिता मोहनलाल गुर्जर उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम पलसोडी, ने लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में एक लिखित शिकायत आवेदन पत्र इस आशय का प्रस्तुत किया कि उसकी शामलाती कृषि भूमि ग्राम पलसोडी में स्थित है। जिसका न्यायालय रतलाम ने आदेश उपरांत नामातंरण किया गया था। जिसमें से आवेदक के हिस्से में सर्वे क्रमांक 207/1/1(1/2) की 6 बीघा कृषि भुमि आई थी। उक्त हिस्से की कृषि भुमि की पावती हल्का नंबर 7 पटवारी श्रीमती रचना गुप्ता को कोर्ट के आदेश से बनानी थी। जो पटवारी द्वारा अपने पास पेंडिग रखी थी। आवेदक गोपाल गुर्जर पावती बनाने हेतु 8 जुलाई 2021 को पटवारी श्रीमती रचना गुप्ता के शासकीय कार्यालय रतलाम में पटवारी से बात की तो पटवारी श्रीमती रचना गुप्ता द्वारा आवेदक से पावती बनाने के एवज में 10,000/- रूपए रिश्वत की मांग की थी। इस पर उज्जैन लोकायुक्त निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव ने रिश्वत की मांग की जाने की पुष्टि हेतु रिश्वत संबंधी वार्तालाप को गोपनीय रूप से रिकॉर्ड करने के लिए शासकीय डिजिटल वाईस रिकॉर्डर आवेदक को दिया। आवेदक गोपाल गुर्जर को देकर आरोपिया रचना गुप्ता और आवेदक गोपाल गुर्जर के मध्य हुई रिश्वत संबंधी बातचीत की रिकॉर्डिंग आवेदक गोपाल गुर्जर से कराई गई। जिसमें आरोपिया द्वारा रिश्वत के 10,000/- रूपए में से 5,000/- रूपए पूर्व में लिया जाना स्वीकार करते हुऐ शेष रिश्वत की राशि रूपए 5,000/- की ओर मांग की गई। तत्पश्चात रिश्वत की मांग प्रमाणित पाए जाने पर, विधिवत ट्रैप कार्यवाही 12 जुलाई 2021 को आरोपिया पटवारी रचना गुप्ता को उसके निवास स्थान टेलीफोन नगर रतलाम से आवेदक गोपाल गुर्जर से 5,000/- रूपए रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त के निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव के द्वारा ट्रेप किया गया। आवेदक गोपाल गुर्जर ने निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव को बताया कि रचना गुप्ता ने रिश्वत के 5,000/- रूपए बरामदे में रखी लोहे की पेटी के ऊपर कोने पर रखवा लिये है। विज्ञप्त पंच गोविन्द प्रसाद कचौले ने आरोपिया रचना गुप्ता से रिश्वत की राशि के बारे में पूछा तो उसने बताया कि गोपाल गुर्जर से 5,000/- रूपए घर के बरामदे में रखी लोहे की पंलग पेटी के उपर कोने में रखवा लिये है। जिस पर विज्ञप्त पंच गोविन्द प्रसाद कचौले ने आरोपिया रचना गुप्ता के घर के बरामदे में रखी लोहे की पंलग पेटी के ऊपर कोने रखे रिश्वत के नोट उठाकर गिने तो 500-500 के 10 नोट कुल 5,000/- रूपए थे। इन करेंसी नोटो के नंबरों का मिलान किए जाने पर ये नोट वही नोट पाए गए, जो लोकायुक्त कार्यालय में फिनाफ्थीलीन पावडर लगाकर आवेदक गोपाल गुर्जर की जेब में रखवाए गए थे। आरोपिया ने जहां रिश्वत के नोट रखवाए थे उस लोहे की पंलग पेटी के उस स्थान को रूई के फोये से पौछवाकर सोडियम कार्बोनेट के घोल में धुलवाए जाने पर घोल का रंग गुलाबी हो गया था। एफ.एस.एल. द्वारा रासायनिक परीक्षण में लोहे की पंलग पेटी के उस स्थान के पोछन के घोल में फिनाफ्थलीन का परीक्षण धनात्मक पाया था।
विवेचना में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर आरोपिया के विरूद्ध अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन द्वारा आरोपिया रचना गुप्ता के विरुद्ध अभियोग पत्र 24. अगस्त 2023 को विशेष न्यायालय रतलाम में प्रस्तुत किया गया था। जिसमें विचारण उपरांत विशेष न्यायालय रतलाम श्रीमती रचना गुप्ता (शर्मा) पटवारी हल्का नं. 07 पलसोडी तहसील व जिला रतलाम को दोषसिद्ध किया गया। शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी श्री कृष्णकांत चौहान, विशेष लोक अभियोजक (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के द्वारा की गई है।
