
रतलाम ( ivnews ) एसटी एससी एक्ट मे दर्ज पुलिस प्रकरण मे आज रेलवे के सिटीआई स्लीपर मोहन जोशी को जी आर पी ने गिरफ्तार कर न्यायालय मे पेश किया. न्यायालय मे मोहन जोशी के वकीलों द्वारा लगाए गए जमानत आवेदन पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने उनका जमानत आवेदन मंजूर कर रिहा किया.
रतलाम रेलवे स्टेशन स्थित सीटीआई ऑफिस में 7 जुलाई 2025 को सी टी आई स्लीपर मोहन जोशी के साथ टी टी ई विजेंद्र बैरवा द्वारा मारपीट की गई थी. यह मारपीट ड्यूटी बुकिंग एडजस्टमेंट को लेकर हुई थी.विवाद के बाद डिप्टी सीटीआई विजेंद्र बैरवा ने जीआरपी में एसटीएससी एक्ट के तहत सी टी आई स्लीपर मोहन जोशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले मे आज सीटीआई (स्लीपर) मोहन जोशी को जी आर पी थाने बुलवाया गया था. जहा उनकी गिरफ्तारी लेकर उन्हें न्यायालय मे पेश किया गया. था. मोहन जोशी की ओर से एडवोकेट राजेंद्र शर्मा व राजेंद्र श्रीवास ने दोपहर पश्चात विशेष न्यायाधीश रविंद्र सिंह चुंडावत के समक्ष जमानत याचिका लगाई। इस पर न्यायाधीश द्वारा याचिका को मंजूर कर ज़मानत दे दी गई।
विवाद और मारपीट की वजह……
रेलवे टिकिट चेकिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाने को लेकर विवादों का केंद्र रतलाम सी टी आई कार्यालय मे बुकिंग के एडजस्टमेंट की बात को लेकर टीटीई विजेंद्र बैरवा द्वारा सीटीआई स्लीपर मोहन जोशी के साथ मारपीट की गई है। विवाद दौरान मौके पर सीटीआई ऑफिस इंचार्ज डिसीटीआई शैलेंद्र मालवीय सहित अन्य टीटीई भी मौजूद थे। इनके द्वारा बीच-बचाव किया गया. मारपीट के बाद सीटीआई स्लीपर जोशी पहले डिसीटीआई मालवीय के साथ डीआरएम ऑफिस पहुंचे। घटना की जानकारी डीआरएम ऑफिस में विभाग प्रमुख सीनियर डीसीएम को दी। इसके बाद जोशी मेडिकल कराने रेलवे अस्पताल पहुंचे।
हालांकि मामले की जीआरपी तक भी सूचना गई। लेकिन लिखित में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी. लेकिन बाद मे विजेंद्र बैरवा ने मोहन जोशी के खिलाफ जी आर पी मे प्रकरण दर्ज कराया था.
ट्रेन ड्यूटी में अपसेन्ट सीटीआई आरयू सिद्दीकी द्वारा ऑन ड्यूटी प्रेजेंट दर्शाने तथा इनके स्थान पर डिप्टी सीटीआई बैरवा द्वारा ड्यूटी करने जैसी अनियमितता के आरोप लगे थे। आपसी एडजस्टमेंट के इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया। तब सामान्य चर्चा विवाद में तब्दील हो गई। तभी डिप्टी सीटीआई बैरवा ने सीटीआई स्लीपर जोशी को थप्पड़ जड़ दिए थे। सीनियर डीसीएम ने सिद्दीकी व बैरवा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। मगर घटना के 13 दिन बाद इनकी बहाली कर इनकी दोबारा ट्रेन संख्या 19038 में ड्यूटी लगाई गई।
