रतलाम, 11 मार्च। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री, चेतन्य कुमार काश्यप ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया है कि इंदौर की हुकुमचंद मिल की तरह रतलाम की सज्जन मिल के 2900 मजदूरों की तीस वर्षों से बकाया मजदूरी एवं अन्य देनदारियों का भुगतान मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल और अधोसंरचना विकास मंडल के माध्यम से कराया जाए। मुख्यमंत्री ने भी काश्यप को आश्वस्त किया कि वे सज्जन मिल की बकाया देनदारियों का भुगतान कराने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित भी किया।


श्री काश्यप ने कैबिनेट की बैठक के बाद आज मंत्रालय में मुख्यमंत्री से भेंट की और उन्हें आग्रह पत्र सौंपा। इस पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा हुकुमचंद मिल की देनदारी संबंधी समस्याओं का निराकरण करने की सराहना की और उनकी इस पहल को मजदूरों के हित में ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि सज्जन मिल 1992 से बंद पड़ी है। मिल पुर्नउत्थान करने के लिए राज्य शासन द्वारा समय-समय पर प्रयास किए गए परन्तु सफलता नहीं मिली। मिल कंपनी परिसमापन के अन्तर्गत होकर हाईकोर्ट मध्यप्रदेश में आगामी कार्रवाई हेतु विचाराधीन है।
श्री काश्यप के अनुसार मिल की जमीन शहर के बीचों-बीच होने से उद्योग लगाने के लिए उपयुक्त नहीं है। हुकुमचंद मिल की योजना के अनुसार ही हाईकोर्ट के माध्यम से इस भूमि पर इन्दौर जैसा प्रकल्प लाकर मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल और अधोसंरचना विकास मंडल के माध्यम से मजदूरों, बैंकों एवं अन्य देयताओं का भुगतान कराया जा सकता है।

By V meena

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