
रतलाम ( ivnews ) शहर के एक कालोनाइजर के खिलाफ पुलिस ने जमीन सौदे की बयाना राशि हड़पने के मामले मे धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. इस कालोनाइजर ने नगर निगम के सामने बन रहे गोल्ड कम्पलेक्स की जमीन के फर्जी कागजात बनाकर इंदौर के एक सराफा व्यापारी को 62 करोड़ मे बेचने का सौदा कर 35 लाख रूपये बयाना राशि ली थी.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इंदौर के सिलीकान सिटी निवासी फरियादी देवेन्द्र सोनी पिता स्व. राजेन्द्रकुमार सोनी ने लिखित शिकायत की है। शिकायतकी जांच के बाद स्टेशन रोड पुलिस ने कालोनाइजर मनीष सुराणा के विरुद्ध धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।
फरियादी देवेंद्र सोनी ने बताया कि वे इंदौर में श्री ज्वेलर्स नाम से सोना-चांदी का व्यवसाय संचालित करते हैं और मूलतः रतलाम जिले के निवासी हैं। देवेंद्र के परिचित मनीष सुराणा जमीन दलाल एवं कालोनाइजर का कार्य करते हैं। 2024 में फरवरी मनीष सुराणा इंदौर स्थित मेरे निवास पर आए जहाँ रतलाम शहर की गोल्ड काम्पलेक्स स्थित भूमि का सौदा कराने की बात कही।
मनीष सुराणा ने दो आम मुख्त्यारनामा (पावर आफ आटर्नी) दिखाए, जिनमें मेहरूननिसा पुत्री अब्दुल गफ्फार खान निवासी छोटी सरवन बांसवाड़ा, राजस्थान एवं नासिर खान पुत्र सलीम खान निवासी बाईजी का वास रतलाम को पक्ष-1 तथा स्वयं को मुख्त्यारग्राही
भूमि सर्वे क्रमांक 105 रकबा 0.20 हेक्टेयर एवं सर्वे क्रमांक 106 कुल रकबा 12 बीघा 06 बिस्वा कस्बा रतलाम में दर्शाई गई। मुख्त्यारनामा पर ई-स्टाम्प संलग्न नहीं थे। पूछताछ पर मनीष सुराणा ने कहा कि ई-स्टाम्प नासिर खान के पास हैं।
भूमि को लेकर दीवानी वाद लंबित होने की बात पर आश्वासन दिया गया कि फैसला पक्ष में आने की संभावना है अन्यथा बयाना राशि लौटा दी जाएगी।
फरयादी देवेंद्र सोनी ने पुलिस को बताया कि प्रारंभिक मांग 70 करोड़ रुपए की थी, जिसे मोलभाव के बाद 62 करोड़ रुपए तय किया गया। चार दिन बाद मनीष सुराणा इंदौर पहुंचे और टाइप सौदा चिट्ठी दिखाई, जिसमें 35 लाख रुपए बयाना प्राप्ति का उल्लेख था। गवाह के रूप में नरेन्द्र पटेल एवं कमलेश पंथी की उपस्थिति में 35 लाख रुपए नकद दिए गए। बाद में जब बार बार ई-स्टाम्प नहीं देने पर संदेह हुआ। तब
देवेंद्र सोनी रतलाम आकर नासिर खान से मिले तो उसने किसी प्रकार का मुख्त्यारनामा निष्पादित करने से इनकार किया, हालांकि पांच लाख रुपए मिलने की बात कही। शेष 30 लाख रुपए मनीष सुराणा के पास होना बताया। तब मामले में गड़बड़ नजर आई और रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसके पहले भी कालोनाइजर मनीष सुराणा के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत हो चुकी है.
