
रतलाम। IV NEWS। चाँदनी चौक में एक चाट ठेले वाले पर हमला हुआ था ठीक उसी तरह की घटना आज रविवार की शाम शहर के व्यस्तम गायत्री टाकीज रोड़ पर हुई। श्रीनाथ पाव भाजी के नाम से ठेला गाड़ी पर कारोबार करने वाले दो भाईयो पर एक कार में सवार होकर आए कुछ युवको ने हमला कर दिया।इस हमले में एक भाई को चाकू के वार भी लगे है। युवको ने ठेलागाड़ी में भी तोड़फोड़ की। हमलावर युवक घटना के बाद कार में सवार होकर भाग निकले।
बताया जाता है कि दो दिन पहले हफ्ता वसूली ओर फ्री में नाश्ता देने की बात पर कुछ लड़को ने आकर उत्पाद मचाया था जिसकी स्टेशन रोड पुलिस थाने में भोला पाटीदार के खिलाफ रिपोर्ट हुई थी । आज भी इसी भोला पाटीदार ने अपने साथियों के साथ आकर चाकू ओर लठ से हमला किया था। घटना करीब साढ़े सात से आठ बजे के मध्य की है।
गायत्री मल्टीप्लेक्स के पास ठेलागाड़ी पर पावभाजी का कारोबार करने वाले दो भाई दीपक डॉगी ओर पपु शाम के समय अपने काम मे लगे हुए थे। तभी एक कार में सवार होकर आए कुछ युवको ने आते ही लठ से ठेलागाड़ी में तोडफोड़ की ओर दोनों भाइयों पर हमला कर दिया। हमलावर युवक हफ्ता मांग रहे थे। इन युवको ने दो दिन पहले इनके खिलाफ इन भाइयो द्वारा कराए गए हफ्ता वसूली की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस हमारा कुछ नहीं कर सकती कहते हुए

विवाद कर चाकू से हमला कर दुकान में तोड़फोड़ कर दी । हमला होते ही ग्राहक इधर उधर भागे । इस हमले में पपु को चाकू के वार लगे है जिससे उसे चोट आई। उसे इलाज के लिए चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
घायल के भाई दीपक डांगी ने बताया कि दो दिन पहले भी इन्ही लोगो ने आकर हमसे हफ्ता मांगा था और विवाद किया था।जिसकी रिपोर्ट स्टेशन रोड पुलिस थाने में दर्ज कराई थी।जिसमे भोला पाटीदार आरोपी था। लेकिन पुलिस ने आज रॉक उसके खिलाफ़ कोई कार्रवाई नही की जिससे उसके हौसले बुलंद हो गए और आज आकर उसने हम पर हमला कर दिया। जबकि मेने पुलिस को कार्रवाई के लिए बोला था तब पुलिस ने आश्वासन दिया था कि तुम चिंता न करो हम तुम्हारे साथ है। अब कोई कुछ नही करेगा । आज की घटना से पुलिस का आश्वासन खोखला साबित हो गया।
सनद रहे की गत दिनों पहले चांदनी चौक में एक चाट व्यवसाई ईश्वरलाल कसेरा पर भी पत्थर और लठ्ठ से हमला कर पिता और पुत्र को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। उपचार के दौरान घायल पिता की जान चली गई थी। उस समय भी पुलिस कार्यवाही को लेकर आक्रोषित लोगो ने शव सडक पर रख कर चक्काजाम किया तब जाकर पुलिस ने आरोपियों के नाम बढ़ाए थे । यदि FIR के बाद ही पुलिस हरकत में आ जाए तो बडी वारदात होने से बच सकती है ।
