
रतलाम ( ivnews ) किसी शिक्षक की असली कमाई उसके खाते में जमा धन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के दिलों में उसके लिए बसा सम्मान और प्यार होता है। प्राथमिक विद्यालय न्यू पुलिस लाइन रतलाम में शनिवार को ऐसा ही भावुक नजारा देखने को मिला, जब तीन दशक तक बच्चों को शिक्षा, संस्कार और स्नेह देने वाली शिक्षिका श्रीमती नसरीन समद फातिमा सेवानिवृत्त हुईं। 30 वर्षों की सेवाओं के बाद जब उनकी विदाई का वक्त आया तो माहौल भावनाओं से भर गया। जिन बच्चों को उन्होंने वर्षों तक अपने स्नेह से सींचा, वे अपनी चहेती ‘नसरीन मैडम’ को विदा करते समय अपने आंसू नहीं रोक पाए।

विदाई समारोह में बच्चों के चेहरों पर एक ओर उपहार मिलने की खुशी थी, तो दूसरी ओर अपनी प्रिय शिक्षिका से बिछड़ने का दर्द। आंखों में आंसू और दिल में ढेर सारा सम्मान लिए बच्चों ने मैडम को विदाई दी। यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि नसरीन फातिमा ने केवल कक्षा में पाठ नहीं पढ़ाए, बल्कि बच्चों के जीवन में एक ऐसा रिश्ता बनाया, जो नौकरी की अवधि समाप्त होने के बाद भी कायम रहेगा।
विदाई के दिन भी बच्चों को दिया यादगार उपहार
अपनी सेवानिवृत्ति के अवसर को यादगार बनाते हुए श्रीमती नसरीन समद फातिमा ने विद्यालय को नए पंखे भेंट किए। इतना ही नहीं, उन्होंने सभी विद्यार्थियों को डिजिटल स्लेट भी उपहार स्वरूप प्रदान की।

इस पहल के पीछे उनका उद्देश्य केवल बच्चों को उपहार देना नहीं, बल्कि शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना भी था। उन्होंने बताया कि उनके पति, दिवंगत समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता समद खान हमेशा कागज और पेन के अत्यधिक उपयोग के पक्ष में नहीं थे। उनकी इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए नसरीन फातिमा ने डिजिटल स्लेट के माध्यम से कागज की खपत कम करने और पेड़ों को बचाने का संदेश दिया। साथ ही, इस पहल के जरिए उन्होंने बच्चों को पुराने जमाने की पत्थर की स्लेट की याद भी ताजा कराई।
पति की सोच और सेवा की परंपरा को भी रखा जीवित
नसरीन फातिमा ने अपने पति स्वर्गीय समद खान की स्मृतियों को सहेजते हुए शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित की। उन्होंने मदरसों और दीनी तंजीमों में भी शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया।
उनकी यह पहल बताती है कि उनके लिए सेवानिवृत्ति केवल एक नौकरी के अध्याय का समापन है, समाज और शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी का नहीं.
गरिमामय समारोह में याद किए गए 30 वर्षों के सेवाकाल
विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती ममता पुरोहित की अगुवाई में आयोजित विदाई समारोह की अध्यक्षता गुरु श्री माथुर ने की। कार्यक्रम का संचालन श्री डी.के. जोशी ने किया।
इस अवसर पर संकुल प्राचार्य श्रीमती ममता अग्रवाल, प्रवीण परिहार, श्रीमती प्रीति, श्रीमती जोशी, विद्यालय एवं आंगनवाड़ी का समस्त स्टाफ तथा पुलिस लाइन के रहवासी उपस्थित रहे। सभी ने श्रीमती नसरीन फातिमा के 30 वर्षों के सेवाकाल की सराहना करते हुए उनके योगदान को याद किया और उनके सुखद एवं स्वस्थ भविष्य की कामना की। जिला कलेक्ट्रेट एवं शिक्षा विभाग की ओर से भी उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की गई।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षिका श्रीमती राधा पाटीदार ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
