
रतलाम (ivnews ) रतलाम के डीडी नगर थाने में हुए हाईवोल्टेज हंगामे ने अब राजनीतिक और कानूनी हलचल बढ़ा दी है। पुलिस के अनुसार, दो बहनों द्वारा खुद पर डीजल डालने की घटना में भाजपा पिछड़ा मोर्चा के जिला महामंत्री चेतन टांक समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि दोनों बहनें आग लगाने की कोशिश कर रही थीं, तब चेतन टांक कथित तौर पर वीडियो बना रहा था और उन्हें माचिस जलाने के लिए कह रहा था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
भाजपा नेता पर गंभीर आरोप, थाने में आखिर क्या हुआ था?
घटना 9 अक्टूबर की रात की बताई जा रही है। थाना प्रभारी अनुराग यादव की शिकायत के मुताबिक, चेतन टांक, उसका भाई नीरज टांक और परिवार के अन्य सदस्य डीडी नगर थाने पहुंचे थे। वे अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर पर कार्रवाई नहीं होने की बात कहते हुए विरोध कर रहे थे। देखते ही देखते विवाद बढ़ा और थाने में हंगामे की स्थिति बन गई।
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान मुस्कान टांक ने हरी कैन से खुद पर और अपनी बहन हर्षिता टांक पर डीजल डाल लिया। इसके बाद माचिस लेकर आग लगाने की कोशिश की। आरोप है कि चेतन टांक और उसके भाई नीरज टांक ने उन्हें माचिस जलाने के लिए कहा। पुलिसकर्मियों ने माचिस छीनकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
टीआई से झूमाझटकी, पुलिसकर्मी भी घायल
थाना प्रभारी की शिकायत के अनुसार, माचिस छीनने की कोशिश के दौरान विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि मुस्कान टांक ने थाना प्रभारी के साथ झूमाझटकी की और उनकी गर्दन पर हाथ मारा, जिससे नाखून से चोट आई। घटनाक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात भी सामने आई है।
कुछ देर बाद मुस्कान और हर्षिता के पिता पवन टांक तथा भाई सावन टांक भी थाने पहुंचे। पुलिस का आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने दबाव बनाया और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की।
चेतन टांक के खिलाफ पहले से 10 मामले, चार में दोषमुक्त
इस मामले में पुलिस ने चेतन टांक, नीरज टांक, मुस्कान टांक, हर्षिता टांक, सावन टांक और पवन टांक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 132, 121(1), 226 और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, चेतन टांक के खिलाफ पहले से 10 मामले दर्ज हैं। इनमें आर्म्स एक्ट, जुआ और अन्य प्रकरण शामिल बताए गए हैं।
एक ही घटनाक्रम में दो सवाल, जांच पर टिकी नजरें
इस पूरे मामले में दो अहम सवाल सामने हैं। पहला, दोनों बहनों ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए थाने में ऐसा कदम क्यों उठाया? दूसरा, घटनाक्रम के दौरान मौजूद लोगों की भूमिका क्या थी और पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में कितने सही साबित होते हैं?
