
रतलाम ( ivnews ) साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक व्यक्ति से महज दो दिनों में 55 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को पुलिस और ATS अधिकारी बताकर गंभीर अपराध में फंसाने की धमकी दी और वीडियो कॉल के जरिए लगातार निगरानी में रखा।
ठगों ने पीड़ित को सुप्रीम कोर्ट के लेटरहेड जैसे दिखने वाले फर्जी दस्तावेज भी भेजे और बैंक खाते के सत्यापन के नाम पर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करवाई। पीड़ित ने 17 सितंबर को 35 लाख और 18 सितंबर को 20 लाख रुपये RTGS के जरिए भेज दिए।
परिजनों की सतर्कता से बच गए 20 लाख
परिजनों को जब शक हुआ तो उन्होंने रतलाम साइबर सेल से संपर्क किया। उस समय पीड़ित ठगों के कहने पर 20 लाख रुपये और ट्रांसफर करने वाला था। साइबर सेल और परिजनों की समझाइश से समय रहते यह रकम ट्रांसफर होने से रोक दी गई।
पुलिस ने 15 लाख रुपये फ्रीज कराए
मामले में साइबर सेल और माणकचौक पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए NCRP पोर्टल के जरिए 15 लाख रुपये फ्रीज करवाए। मामले में E-FIR दर्ज कर आरोपियों की पहचान और शेष रकम की रिकवरी के प्रयास जारी हैं।
पुलिस की अपील
रतलाम पुलिस ने कहा कि कोई भी पुलिस, CBI, ED, NCB, ATS या सुप्रीम कोर्ट फोन अथवा वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करता। गिरफ्तारी या केस का डर दिखाकर पैसे मांगे जाएं तो रकम ट्रांसफर न करें और तुरंत 1930 पर शिकायत करें।
