
रतलाम ( ivnews ) सृजन महाविद्यालय में नवागत विद्यार्थियों के स्वागत के लिए आयोजित कार्यक्रम आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रेरणा से सराबोर रहा। महामंडलेश्वर स्वामी श्री विशोकानंद भारती महाराज ने विद्यार्थियों को जीवन में सरलता, उच्च विचार, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
सरस्वती वंदना से शुरू हुए कार्यक्रम में स्वामीजी ने कहा कि विद्यार्थी जीवन ज्ञान और व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण दौर है। इस दौरान अनावश्यक आकर्षणों से दूर रहकर अध्ययन, संयम और आत्मविकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
कार्यक्रम में अखंड ज्ञान आश्रम के देवस्वरूपानंद जी महाराज ने सामूहिक ‘शिवोऽहम्’ मंत्र का उच्चारण कराया, जिससे सभागार आध्यात्मिक वातावरण से भर उठा।संस्था प्रमुख एवं सृजन भारत के संयोजक अनिल झालानी ने नवागत विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने में संस्था हरसंभव सहयोग करेगी। समन्वयक निसर्ग दुबे और डीन डॉ. इम्तियाज खान ने विद्यार्थियों को संस्था की शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी।कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. जिंदल यादव ने आभार माना। इस दौरान विभागाध्यक्षों, शिक्षकों एवं महाविद्यालय स्टाफ की उपस्थिति रही।
