
रतलाम ( ivnews )
रतलाम पुलिस ने 48 घंटे मेबिलपांक क्षेत्र में सराफा व्यापारी के साथ हुई बड़ी लूट की घटना का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लेकिन वारदात का मास्टर माइंड सहित दो आरोपी फरार है. जिनकी तलाश जारी है.पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4167 किलोग्राम सोने के आभूषण एवं 4.047 किलोग्राम चांदी के आभूषण, कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹5.5 करोड़, का लूटा गया मशरूका बरामद किया है। यह सफलता पुलिस को आधुनिक तकनीक, साइबर तकनीकी साक्ष्यों, CCTV फुटेज, एवं मैदानी पुलिसिंग के समन्वित प्रयास से मिली….

उज्जैन रेंज के आई जी राकेश गुप्ता ने पत्रकार वार्ता मे बताया की रतलाम के सराफा व्यापारी फरियादी अर्पित पिता ललित कुमार चोरड़िया गणेश मार्केट, चांदनी चौक रतलाम में सोने-चांदी के आभूषणों का व्यवसाय करते हैं तथा बड़नगर के व्यापारियों के साथ भी सोने के आभूषणों का व्यापार करते हैं। 13 अगस्त 2026 को फरियादी बड़नगर में व्यापारिक कार्य से गए थे। वहां विभिन्न व्यापारियों को सोने के आभूषणों की बिक्री करने के बाद वह रात्रि लगभग साढ़े आठ बजे बीके यादव बस से रतलाम के लिए रवाना हुए।

रात्रि लगभग सवा नो बजरंग से साढ़े नो बजे के मध्य बस के हनुमान चौकी, उमरथाना फंटा क्षेत्र में पहुंचने पर बस में बड़नगर से सवार दो व्यक्ति अचानक फरियादी के पास पहुंचे और उसका बैग छीनने का प्रयास किया। फरियादी द्वारा बैग को पकड़कर विरोध करने एवं शोर मचाने पर 3 अन्य आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और बैग छीनकर मौके से सभी पाँचो आरोपी फरार हो गए। बैग में सोने-चांदी के आभूषण, नगदी तथा फरियादी के आवश्यक दस्तावेज रखे हुए थे। घटना की सूचना फरियादी द्वारा अपने परिजनों को देने के बाद पुलिस चौकी धराड़ पर दी गई। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना बिलपांक में धारा 309(6) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
लूट की इस वारदात से हड़कंप मच गया. घटना की गंभीरता को देखते हुए
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राकेश गुप्ता एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक रतलाम रेंज निमिष अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक अमित सहित ने त घटनास्थल का निरीक्षण किया गया।
अलग-अलग अधिकारियो के नेतृत्व मे विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस टीमों द्वारा घटनास्थल से लेकर बड़नगर तक के विभिन्न मार्गों पर लगे CCTV कैमरों के फुटेज संकलित एवं खंगाले गए। फरियादी, बस चालक, परिचालक एवं क्लीनर के बयान लिए गए। घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों से भौतिक साक्ष्य संकलित किए गए।
सायबर सेल द्वारा तकनीकी साक्ष्यों एवं डिजिटल इनपुट का विश्लेषण किया गया। डिजीटल साक्ष्यो के आधार संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की जानकारी एकत्रित की गई। प्राप्त तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों को चिन्हित किया गया। 15 अगस्त 2026 को सूचना प्राप्त हुई कि घटना में शामिल आरोपी हिम्मतंगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं तथा लूट का सामान भी उनके पास है। सूचना पर पुलिस टीमों द्वारा घेराबंदी कर 6 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों से पूछताछ करने पर आरोपियो द्वारा घटना में शामिल होना स्वीकार किया गया। पुलिस द्वारा सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटे गए सोने एवं चांदी के आभूषण बरामद किए गए।
बरामद मशरूका
सोने के 238 नग जेवरात, वजन 4.167 किलोग्राम डिब्बों सहित किमती 5.32 करोड -चांदी के 183 नग जेवरात, वजन 4.047 किलोग्राम डिब्बों सहित किमती लगभग 9 लाख
गिरफ्तार आरोपी
1 राहुल पिता सोदान गुर्जर जाति गुर्जर उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम ऊनी थाना बिलपांक जिला रतलाम
2 अभिजीत उर्फ अभय पिता दिनेश गुर्जर जाति गुर्जर उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम ऊनी जिला रतलाम
3 यशवंत पिता कैलाश गुर्जर जाति गुर्जर उम्र 28 वर्ष निवासी म.न. 15 बालागंज बरगुण्डा गली मंदसौर
4 राहुल उर्फ वीर गुर्जर पिता सुरेश गुर्जर जाति गुर्जर उम्र 25 वर्ष निवासी दिलीपनगर रतलाम
5 रवि उर्फ बबला गुर्जर पिता देवीसिंह गुर्जर जाति गुर्जर उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम जमुनिया जिला रतलाम
6 मोहम्मद उमर उर्फ पप्पु पिता इमाम बख्श जाति मुसलमान उम्र 42 वर्ष निवासी आनंद कालोनी रतलाम
फरार आरोपी–
- रोहित नायक नि. रामरहिम नगर रतलाम
- गौरव गुर्जर नि. हरसोला इंदौर
फरार आरोपी रोहित नायक ही वारदात का मास्टर माइंड है. यह आरोपी पहले फरयादी सराफा व्यापारी अर्पित चोरडिया के यहाँ काम करता था. तीन माह पहले उसने काम छोड़ा था. उसे पता था की व्यापारी कब कब कहा कहा आभूषण लेकर जाता है. उसने यह बात अपने साथियो को बताई. सबने पहले रेकी कर दो बार वारदात करने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली. लेकिन तीसरी बार मे 13 अगस्त को इन सभी आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया.
लूट की बड़ी वारदात का खुलासा करने और लूट का सारा माल बरामद करने पर रतलाम के सराफा व्यापारियो ने पुलिस टीम का शाल श्रीफल से अभिनन्दन किया.फरयादी के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर संतोष जाहिर कर आभार माना
सराहनीय भमिका-
इस महत्वपूर्ण एवं चुनौतीपूर्ण प्रकरण के खुलासे में निरीक्षक अय्यूब खान, थाना प्रभारी बिलपांक निरीक्षक मनेन्द्र गौतम, निरीक्षक विक्रम सिंह चौहान, निरीक्षक स्वराज डाबी, निरीक्षक दीपक मंडलोई निरीक्षक रणजीत सिंगार, निरीक्षक जितेन्द्र सिंह जादौन, निरीक्षक कमलेश सिंगार (थाना प्रभारी बडनगर) उप निरीक्षक अनुराग यादव, उप निरीक्षक अलकेश सिंगाड़, उप निरीक्षक सुरेश गोयल, उप निरीक्षक किशनलाल रजक, उप निरीक्षक मुकेश सस्तिया, उप निरीक्षक विजय बामनिया, उप निरीक्षक प्रतापसिंह भदौरिया, उप निरीक्षक वी.डी. जोशी, उप निरीक्षक प्रदीप शर्मा, प्र आर जयेन्द्र सिंह, प्र.आर. राहाल जाट प्र. आर. नरेन्द्र चावड़ा, प्र. आर. दिनेश खिची, प्र.आर.हेमन्त परमार, प्रआर. अनील शुक्ला, प्रआर अशोक मईड़ा प्र. आर. राकेश पंवार प्रआर, हिम्मतसिंह राठौर, प्रआर. मुकेश चौहान प्रआर, आशीष धानक, प्रआर. मोहनसिंह, प्रआर. प्रकाश राणा, आर.संजय सोनी, आर, रोशन राठौर, आर. रोहित चौहान, आर. आर. निलेश अवस्या, आर.राकेश प्रजापत, आर. महेन्द्रसिह, आर. लंकेश पाटीदार आर.नितेश निनोर, आर. अरविन्द सिंगाड, आर. विनोद सिगांड़, आर. धर्मेन्द्र यादव, आर. मुन्नालाल चौहान, आर. टीकमसिंह, दीनदयाल पाटीदार, आर, विशाल, आर. कमलेश निनामा, आर. पिन्टु विश्वकर्मा आर. विकाश जादोन, डीएसबी रतलाम सउनि शिव नामदेव, प्र.आर. योगेन्द्रसिह जादौन. आर. मुकेश शर्मा प्र.आर. विजय पंजाबी, प्र.आर. देविदानसिंह, प्र.आर. कमलेश पांडे आर रोहित गुर्जर, आर प्रेमसिंह निनामा, आर संजय वास्कले, आर रितेश यादव, आरक्षक आदिल मोहम्मद, आर अंकित काला, आर नितिन सक्सेना, आर नीरज पंवार, आर कमलेश मौर्य (थाना बडनगर), आर मनोहर (थाना बडनगर) सैनिक दिनेश डोडियार राजेश देवडा, सहित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही।
सायबर एवं तकनीकी टीम की भूमिका उप निरीक्षक जीवन बारिया, सहायक उप निरीक्षक कपिल डिंडीर, प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, प्र आर हिम्मतसिंह, प्र आर लक्ष्मीनारायण सुर्यवंशी, प्रधान आरक्षक निलेश पाठक, प्रधान आरक्षक दिलीप रावत, प्रधान आरक्षक अनिल सोलंकी, प्रधान आरक्षक अभिषेक पाठक, प्रधान आरक्षक अभय चौहान, प्रधान आरक्षक पारस चावला, आरक्षक विपुल भावसार, आरक्षक माखन सिंह, आरक्षक मयंक व्यास, आर राहुल पाटीदीर, आर मोरसिंह, आर तुषार सिसौदिया, आरक्षक हेमन्त यादव एवं आरक्षक जीवन विश्वकर्मा की तकनीकी एवं साइबर विश्लेषण में सराहनीय भमिका रही।
डीएसबी रतलाम से सहायक उप निरीक्षक शिव नामदेव, प्रधान आरक्षक योगेन्द्र सिंह जादौन, आरक्षक केश शर्मा, प्रधान आरक्षक विजय पंजाबी, प्रधान आरक्षक देविदान सिंह एवं प्रधान आरक्षक कमलेश डि की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम को पुरुस्कृत किया जायेगा।
