रतलाम (IV News)। रतलाम के चर्चित राजीव नगर तिहरे हत्याकांड में करीब साढ़े पांच साल बाद बड़ा फैसला आया है। न्यायालय सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश श्री राजेश नामदेव ने एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए तिहरा आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड का मुख्य आरोपी दिलीप देवल पहले ही पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है।

मामले मे पैरवी करने वाले लोक अभियोजक समरथ पाटीदार ने बताया की 25 नवंबर 2020 को छोटी दीपावली की रात राजीव नगर निवासी गोविंद सोलंकी, उनकी पत्नी शारदा सोलंकी और पुत्री दिव्या सोलंकी की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। अगले दिन सुबह घटना का खुलासा तब हुआ जब मकान में किराए से रहने वाली नर्स ज्वेलिका अपनी स्कूटी तलाशते हुए ऊपर पहुंची और कमरे में तीनों के शव खून से लथपथ पड़े मिले।
सूचना पर थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस मौके पर पहुंची और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज से खुला हत्याकांड का राज
तत्कालीन थाना प्रभारी रेवलसिंह बरर्ड के नेतृत्व में पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में आरोपी किरायेदार की सफेद एक्टिवा स्कूटी से भागते हुए दिखाई दिए। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान दिलीप देवल, अनुराग उर्फ बॉबी, गोलू उर्फ गौरव बिलवाल और लाला भाबोर के रूप में हुई।
पुलिस ने अनुराग, गोलू और लाला को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त वाहन, कपड़े, जेवरात और अन्य सामान बरामद किया।
मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया
मुख्य आरोपी दिलीप देवल की गिरफ्तारी के दौरान उसने पुलिस टीम पर देशी पिस्टल से फायरिंग कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई। उसके किराए के मकान से देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस, जेवरात और अन्य सामग्री बरामद की गई थी।
डीएनए और बैलेस्टिक रिपोर्ट बने सबसे बड़े सबूत
मामले में पुलिस ने मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। आरोपियों के कपड़ों, चप्पलों और अन्य वस्तुओं पर मृतकों का डीएनए मिला। वहीं फरियादी की स्कूटी के हैंडल पर आरोपी लाला का डीएनए पाया गया।
बैलेस्टिक जांच में यह भी साबित हुआ कि दिलीप देवल के घर से बरामद देशी पिस्टल से ही मृतकों पर गोलियां चलाई गई थीं।
अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष 111 भौतिक साक्ष्य, 210 दस्तावेज और 33 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। मजबूत परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तिहरा आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
लूट के लिए करता था हत्याएं
जांच में सामने आया कि दिलीप देवल लूटपाट के लिए हत्याएं करता था और वह पहले भी हत्या के मामलों में शामिल रहा था। उसने छोटी दीपावली का दिन इसलिए चुना था ताकि पटाखों की आवाज में गोलियों की आवाज दब जाए और किसी को घटना की भनक न लगे।पुरे प्रकरण मे पैरवी लोक अभियोजक समरथ पाटीदार ने की थी.
दोषसिद्ध आरोपी
अनुराग उर्फ बॉबी पिता प्रवीण सिंह परमार (33), निवासी सेक्टर-बी, विनोबा नगर, रतलाम।

गोलू उर्फ गौरव पिता राजेश बिलवाल (29), निवासी रेलवे कॉलोनी, रतलाम।

लाला पिता मनु उर्फ भरत भाबोर (27), निवासी अभलोड लिम्बू फल्या, जिला दाहोद (गुजरात)।


पुलिस मुठभेड़ में मारा गया आरोपी
दिलीप पिता भावसिंह देवल (35), निवासी ग्राम खरेड़ी, जिला दाहोद (गुजरात)।

By V meena

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