रतलाम (IV News):
जिले की ग्राम पंचायत लालाखेड़ा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां “विकसित भारत संकल्प यात्रा” के तहत हुए कार्यक्रम का लाखों रुपये का खर्च आज तक अटका हुआ है। हैरानी की बात यह है कि यह कार्यक्रम खुद महामहिम राज्यपाल की मौजूदगी में हुआ था, फिर भी भुगतान के लिए पंचायत को महीनों से चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

यह है पूरा मामला
7 जनवरी 2024 को आयोजित इस बड़े सरकारी कार्यक्रम में पंचायत ने पूरी जिम्मेदारी निभाते हुए व्यवस्थाएं कीं। ज्ञापन के अनुसार, करीब 3.64 लाख रुपये का खर्च हुआ, लेकिन 1 साल 10 महीने बीतने के बाद भी एक रुपया तक नहीं मिला।


फाइलें दौड़ीं, पैसा नहीं
ग्राम पंचायत का आरोप है कि उन्होंने जनपद पंचायत जावरा से लेकर जिला पंचायत रतलाम और भोपाल तक बार-बार पत्राचार किया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।यहां तक कि 181 पर शिकायत भी दर्ज कराई गई, फिर भी नतीजा सिफर रहा।

अब सवाल ये उठता है कि जब राज्यपाल के कार्यक्रम का भुगतान ही अटका हो, तो आम योजनाओं की हालत क्या होगी? क्या सरकार सिर्फ बड़े-बड़े कार्यक्रम कर फोटो खिंचवाने तक सीमित है? क्या ग्रामीण निकायों को आर्थिक बोझ में झोंककर उनकी कार्यक्षमता कमजोर की जा रही है
ग्राम पंचायत ने साफ शब्दों में कहा है कि अब और देरी बर्दाश्त नहीं होगी। जल्द भुगतान नहीं हुआ तो आगे उग्र कदम उठाए जा सकते हैं।बड़ा सवाल यह है की कार्यक्रम करवाने के बाद भुगतान क्यों अभी तक नहीं हुआ ? यह मामला अब प्रशासनिक लापरवाही या सिस्टम की नाकामी से बढ़कर जवाबदेही का मुद्दा बनता जा रहा है।

By V meena

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