
रतलाम (ivnews)। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित राज्य पात्रता परीक्षा के दौरान रतलाम के एक परीक्षा केंद्र पर विवाद की स्थिति बन गई। सागोद रोड स्थित उत्कृष्ट विद्यालय में परीक्षा देने आई राजस्थान के चित्तौड़गढ़ की अमृतधारी सिख छात्रा गुरलीन कौर की चेकिंग के दौरान पगड़ी (दुमाला साहिब) और कृपाण उतरवाने का मामला सामने आया, जिसके बाद सिख समाज में आक्रोश फैल गया।
जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में आयोजित पात्रता परीक्षा के लिए रतलाम में कुल 16 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन्हीं में से एक केंद्र उत्कृष्ट विद्यालय भी था। यहां परीक्षा देने पहुंची अमृतधारी सिख छात्रा से जांच के दौरान पगड़ी खोलने और कृपाण निकालने को कहा गया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय सिख समाज के लोग परीक्षा केंद्र पहुंचे और इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने का मामला बताते हुए विरोध दर्ज कराया। समाज के प्रतिनिधियों ने जिम्मेदार अधिकारियों से माफी की मांग की।
विवाद बढ़ने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम विवेक सोनकर और केंद्राध्यक्ष एवं स्कूल प्राचार्य सुभाष कुमावत ने घटना पर खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आयोग के निर्देशों के तहत सख्त जांच की जा रही थी, लेकिन किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं था। उन्होंने स्वीकार किया कि परंपरा की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी।
छात्रा की परिजन रंजीत कौर ने कहा कि बच्ची पूरी तैयारी के साथ परीक्षा देने आई थी, लेकिन दुमाला उतरवाना सिख परंपरा के खिलाफ है। इससे छात्रा मानसिक रूप से आहत हुई। छात्रा गुरलीन कौर ने भी बताया कि उन्होंने पहले राजस्थान में कई परीक्षाएं दी हैं, लेकिन ऐसी स्थिति कभी नहीं आई।
घटना के बाद प्रशासन ने भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न होने का आश्वासन दिया है।
