
रतलाम ( ivnews) बसंत का उल्लेख ऋग वेद में आता है, दशम मंडल में कहा गया है कि सृष्टि सृजन के लिए जो हवन हुआ बसंत उसका घृत है। बसंत पंचमी से बसंत आरंभ नहीं होता बल्कि ये बसंत का आव्हान है। भगवान श्री कृष्ण ने अपने लिए पूरे ब्रह्णांड की सबसे श्रेष्ठ वस्तुएं अपने लिए चुनी और ऋतुओं में उन्होंने बसंत को चुना। बसंत प्रकृति के प्रेम, प्रसन्नता का उत्सव है।
यह बातें ख्यात वक्ता, चिंतक, शिक्षाविद् डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला ने कही। वे म.प्र. परशुराम कल्याण बोर्ड रतलाम के तत्वावधान में आयोजित बसंत पंचमी उत्सव में व्याख्यान दे रहे थे। बसंत पंचमी के अवसर पर बोर्ड द्वारा समारोह आयोजित किया गया जिसमें शिक्षा, कला, लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों का सम्मान किया गया। गौरवमीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शहर के प्रसिद्ध उद्योगपति प्रमोद कुमार व्यास थे। विशेष अतिथि भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी पं. राजेश दवे ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला थे। जिलाध्यक्ष अनुराग लोखंडे और नगर अध्यक्ष सुनील दुबे भी मंचासीन रहे। मुख्य वक्ता श्री चांदनीवाला ने बसंत की व्याख्या करते हुए वेदों में वर्णित माता सरस्वती और बसंत का महत्व प्रतिपादित किया। उन्होंने बेहद सुंदर वर्णन करते हुए मानवीय संवेदनाओं, जीवन और लक्ष्य में मां सरस्वती और बसंत की महिमा बताई।
विशेष अतिथि श्री उपाध्याय ने कहा कि भारत ही वो देश है यहां इतनी ऋतुए हैं। उन्होंने बसंत उत्सव और रतलाम स्थापना दिवस की बधाई देने के साथ परशुराम कल्याण बोर्ड द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यो की भी प्रशंसा की। साथ ही आश्वस्त किया कि समाज के उत्थान के कामों में उनका तथा पार्टी का सहयोग हमेशा रहेगा। कार्यक्रम अध्यक्ष श्री दवे ने कहा कि बसंत उत्सव हमें समाज में महिलाओं का सम्मान सिखाता है। यह उत्सव ज्ञान, साधना, शिक्षा, कला के महत्व को समाने और पूजने का उत्सव है। प्रारंभ में कार्यक्रम की रूपरेखा और बोर्ड द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में जिलाध्यक्ष अनुराग लोखंडे ने स्वागत भाषण में बताया। अतिथि परिचय नगर सचिव चेतन्य शर्मा ने दिया।
इनका किया गया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान भारतीय शास्त्रीय गायन की विधा में पारंगत रहकर गुजराती संगीत महाविद्यालय में सेवा दे चुकी 85 वर्षीय सुशीला देवी व्यास और इसी विधा में अपनी अद्भुत कला से कई प्रतियोगिताओं को जीत चुकी 11 वर्षीय भूवि व्यास को कला के क्षेत्र में अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य तथा अंतरराष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय कई विश्व विद्यालयों से शोष पत्र प्रकाशित करवाने वाली, शास्त्रीय नृत्य में भी पारंगत डॉ. मंगलेश्वरी जोशी तथा श्री ब्राह्मण बोर्डिंग में संचालित महर्षि वेद व्यास विद्यालय के प्राचार्य नंदकिशोर पंचोली का भी सम्मान किया गया। जनसंघ और भाजपा तक मंदसौर से 9 बार सांसद, विधायक रहे विद्वान डॉ. लक्ष्मीनारायण पाण्डेय की जीवनी लिखने वाले पंगडंडी प्रकाशन के संचालक और लेखक और पत्रकार मुकेशपुरी गोस्वामी, नीरज शुक्ला और अदिति मिश्रा का भी सम्मान किया गया।
गायन से किया मंत्रमुग्ध, इनका भी हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान वयोवृद्ध संगीत साधिका श्रीमती सुशील व्यास और 11 वर्षीय यागिका भूवि व्यास ने प्रस्तुति भी दी। भूवि ने सरस्वती वंदना और फिर राम यमन में आदि शिव की स्तुति प्रस्तुत की जिसे सुनकर सदन भाव विभोर हो गया और उन्हें खड़े होकर प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर समाज शिक्षाविद् डॉ. सुलोचना शर्मा, गोपाल जोशी, रंगकर्मी ओपी मिश्रा, डॉ. स्नेहा पंडित, समाजसेवी विभूति कश्यप और बालाघाट के संचालक वैभव कश्यप, दैनिक भास्कर के संपादक संजय पाण्डेय, नई दुनिया के संपादक नरेंद्र जोशी, उषा व्यास आदि का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन अदिति मिश्रा ने किया। अतिथियों का स्वागत सविता तिवारी, आशा दुबे, नीरज कुमार शुक्ला, लगन शर्मा, चैतन्य शर्मा, सुशील कुमार दुबे, विजय शर्मा, सत्येंद्र जोशी, विकास व्यास, राजेंद्र चतुर्वेदी, डॉ. हेमंत तिवारी, विकास व्यास, अमित नागर, सिद्धार्थ व्यास, अभिसार हाड़ा, सार्थक व्यास आदि ने किया। आभार नगर अध्यक्ष सुनील दुबे ने माना।
