
रतलाम ( ivnews ) अंतराष्ट्रीय संस्था टी फोर एजुकेशन द्वारा वर्ल्ड स्कूल समिट का आयोजन अबु धाबी,यू ए ई में किया जा रहा है।15-16 नवम्बर को यास्मिना ब्रिटिश एकेडमी अबू धाबी में आयोजित हो रही इस समिट में दुनिया भर के 75 देशों के लगभग 800 से अधिक शिक्षा से जुड़े यूनेस्को प्रतिनिधि,शिक्षा मंत्री,सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं सहित 50 स्पीकर चयनित किये गए है।

इस समिट में रतलाम के सांदीपनि विद्यालय विनोबा के उप-प्राचार्य एवं अंतराष्ट्रीय शिक्षाविद गजेन्द्र सिंह राठौर का चयन स्पीकर के रूप में हुआ है।वे वहां “ड्राइविंग हाई परफॉर्मेंसेस इन स्कूल्स ” पर टी फ़ॉर एजुकेशन के सी ई ओ विकास पोटा के साथ वैश्विक मंच पर पैनल डिसकशन में भाग लेंगे।जिसमें उनके साथ ब्राजील की शीर्ष पत्रकारिता एजेंसी पोरवीर की प्रमुख तातियाना क्लिक्स ,विल कैम्बेल फॉउंडिंग हेड फ्रेंकलिन स्कूल यू एस ए, गेमा थोरने आर्बर स्कूल दुबई चर्चा-सत्र में भाग लेंगे। इस समिट में भारत से वे अकेले स्कूल लीडर है जो स्पीकर के रूप में चयनित हुए हैं। गजेन्द्र सिंह राठौर के “साइकल ऑफ ग्रोथ मॉडल” और “ब्रूडिंग मॉडल इन एजुकेशन” सहित कई नवाचारों को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली हुई है।इनकी संस्था सांदीपनि विद्यालय सी एम राइज विनोबा रतलाम को इनोवेशन केटेगरी में 2024 में वर्ल्डस बेस्ट स्कूल का प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिल चुका है।श्री राठौर को 2017 में राष्ट्रपति पुरस्कार और 2016 में नवाचारी विज्ञान शिक्षक सहित कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके है।शिक्षा विभाग में स्कूल लीडरशिप और मैनेजमेंट पर इन्हें राज्य-स्तरीय मास्टर ट्रेनर के रूप में मान्यता है।उन्होंने शिक्षा विभाग में प्रचलित टीचर्स हैंडबुक के निर्माण में भी लेखक दल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और विभिन्न माध्यमों में स्कूल मैनेजमेंट और लीडरशीप तथा साइंस कम्युनिकेशन पर इनकी पुस्तकें और लेख प्रकाशित हुए है। श्री राठौर ने बताया कि इस समिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का शिक्षा में उपयोग,शिक्षा से वैश्विक नागरिकता की समझ,21 वीं सदी में शिक्षा सहित कईं विषयों पर दो दिनों तक संवाद होंगे जो भविष्य के लिए रोड मैप का कार्य करेंगे।
