
भोपाल ( ivnews ) अगर आप सीएम हेल्पलाइन पर किसी के खिलाफ झूठी शिकायत करने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए. क्योंकि अब आपकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. दरअसल, शिकायत निवारण मंच पर लगातार मिल रही फर्जी और भ्रामक कॉल्स ने सरकार को गंभीर चिंता में डाल दिया है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी जिला कलेक्टरों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। कुछ समय पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक की थी। उस दौरान सामने आया कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के लिए शुरू किया गया यह प्लेटफॉर्म अब कुछ लोगों के गलत इस्तेमाल की वजह से प्रभावित हो रहा है। कई लोग जानबूझकर झूठी शिकायतें दर्ज कर रहे हैं और ब्लैकमेलिंग की कोशिश तक कर रहे हैं। इसका सीधा असर असली जरूरतमंदों की शिकायतों पर पड़ रहा है और सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ भी बढ़ रहा है। इसीलिए सीएम हेल्पलाइन कार्यालय ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे आदतन फर्जी शिकायतकर्ताओं की लिस्ट तैयार करें। इस सूची में शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, की गई शिकायतों की संख्या और उस पर टिप्पणियां दर्ज करना अनिवार्य होगा.
कैसे काम करता है सीएम हेल्पलाइन
- कोई भी नागरिक 181 नंबर पर कॉल करके, ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है।
- हर शिकायत को एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाता है।
- शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुँच जाती है।
- तय समयसीमा में समाधान न होने पर मामला कलेक्टर या उससे ऊपर के अफसरों तक बढ़ा दिया जाता है।
- समाधान के बाद हेल्पलाइन टीम नागरिक से पुष्टि करती है कि वह समाधान से संतुष्ट है या नहीं।
- अब झूठी शिकायत पर होगी कार्रवाई
फिलहाल सरकार ने साफ कर दिया है कि सीएम हेल्पलाइन का दुरुपयोग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। अगर आपने किसी के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई तो अगली कार्रवाई आपके ही खिलाफ हो सकती है।
