
इंदौर. ( गौरव जगताप ) मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवाय (MY Hospital) में चूहों के काटने से दो नवजातों की मौत का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा। घटना सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगने लगे हैं। इसी को लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन लगातार आंदोलन कर रहा है। 21 सितंबर से जयस संगठन अस्पताल परिसर में धरने पर बैठा है, लेकिन प्रशासन की चुप्पी से नाराज़ होकर रविवार को कार्यकर्ता भारी संख्या में अस्पताल पहुंच गए | जहां उन्होंने अर्धनग्न रैली निकाली और रीगल चौराहे पर सड़क पर धरना दिया | इसके बाद कलेक्टर कार्यालय कूच किया और जयस संगठन के अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा, ने साफ कहा कि सीधे कलेक्टर से ही बातचीत होगी.
परिजन पहुंचे जयस संगठन के पास
मृतक नवजातों के परिजनों ने मदद के लिए जयस संगठन का सहारा लिया। संगठन ने अस्पताल अधीक्षक और डीन पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने और तत्काल पद से हटाने की मांग की है।
21 सितंबर से धरना जारी
जयस संगठन ने 21 सितंबर से अस्पताल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है और अब तक किसी दोषी पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ठोस कार्रवाई नहीं इसलिए अर्धनग्न रैली और सड़क पर धरना
रविवार को जयस कार्यकर्ता भारी संख्या में अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अर्धनग्न रैली निकाली, रीगल चौराहे पर सड़क जाम कर दिया और फिर कलेक्टर कार्यालय की ओर कूच किया। जयस अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा ने साफ कहा कि अब बातचीत केवल कलेक्टर से ही होगी।
प्रशासन की कार्रवाई
मामला तूल पकड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया।
- अस्पताल के विभागाध्यक्ष (HOD) को सस्पेंड किया गया।
- अधीक्षक को 15 दिन के अवकाश पर भेजा गया।
- अस्पताल परिसर में ऑपरेशन रेट किल शुरू किया गया है, जिसके तहत पेस्ट कंट्रोल, रातभर सफाई और सीसीटीवी निगरानी जैसे उपाय किए जा रहे हैं।
हाईकोर्ट ने जताई थी चिंता
मामले पर हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया और सवाल किया कि अब तक FIR क्यों दर्ज नहीं हुई। कोर्ट ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पूरा मामला
दरअसल, एमवाय अस्पताल के NICU में चूहों ने दो नवजातों को काट लिया था, जिसके बाद दोनों मासूमों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला, तो वहीं मुख्यमंत्री मोहन ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे
