
रतलाम ( IVNEWS ). प्रतिबंधित चायना लहसुन से भरे दो ट्रकों को किसानो ने पकड़कर जावरा पुलिस को सौपा. किसान इन दोनों ट्रकों का. मंदसौर से पीछा करते हुए आ रहे थे. जावरा मे किसान नेता जिला पंचायत सदस्य डी पी धाकड़ की मदद से दोनों ट्रकों को पकड़ा. दोनों ट्रकों मे करीब पचास किवंटल चायना लहसुन भरा हुआ था. यह दोनों ट्रक पंजाब पासिंग है. ट्रकों मे अफगानिस्तान की फर्म का टैग लगे हुए चायना लहसुन भरा हुआ था. जावरा पुलिस ने मामला जावरा मंडी को सौपा है.
जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ ने बताया की उनको मंदसौर के किसानों ने सोशल मीडिया पर सूचना दी की चायना लहसुन से भरे ट्रक रतलाम तरफ जा रहे है। जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ ने ट्रक नंबर की जानकारी मांगी तो किसानों ने बताया नंबर नहीं देख पाए, क्योंकि ट्रक चल दिए है। इसके बाद उन दोनों ट्रक का पीछा करने को कहा। कचनारा के करीब ट्रक आगे चलते हुए मिल गए। इसके बाद किसानों को कहा ट्रक का पीछा करते रहे, जावरा में इन ट्रक को रोका जाएगा। दोनाें ट्रक जावरा-उज्जैन बायपास पर पहुंचे तो मंदसौर के किसानाें की सहायता से इनको रोका गया।
पंजाब पासिंग के दोनो ट्रक अफगानिस्तान के एक वेजिटेबल एण्डफ्रुटमर्चेक्ट के टैग लगे कैरेट चायना लहसुन से भरे हुए थे। इनको किसानों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया। पुलिस दोनो ट्रकों को औद्योगिक क्षेत्र पुलिस थाने पर ले गई।
बताया जाता है की मंगलवार को नयागांव टोल से ट्रक क्रमांक पीबी 02 डीटी 8928 और ट्रक क्रमांक पीबी 05 एएन 1521 क्रास होकर एमपी बार्डर में घुसे थे। जिसकी सूचना किसानों ने पहले सोशल मीडिया पर जारी की। सोशल मीडिया पर जो ट्रक नंबर दिए गए थे, उनको जावरा में रात करीब साढ़े 9 बजे किसानों व पुलिस ने रोका। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर से तिरपाल हटवाया और एक किसान ने उस पर चढकर देखा तो ट्रक में चायना लहसुन के कैरेट भरे पाए गए। मौके पर मौजूद अन्य किसानों ने भी ट्रकों में भरी लहसुन के चायना होने की पुष्टि की। पुलिस चायना लहसुन से भरे दोनों ट्रक को पकड़कर थाने पर खड़ा करवाया गया हैं। चूंकि मामला कृषि उपज मंडी से संबंधित होने से पुलिस ने मामले की जानकारी मंडी बोर्ड को दी । पुलिस अब मंडी बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगी. उल्लेखनीय है की चायना लहसुन पर सरकार द्वारा 2014 से प्रतिबंध लगा रखा है. लेकिन इसके बावजूद भी नेपाल के रास्ते से. चायना लहसुन भारी मात्रा मे भारत मे लाई जा रही है और देश भर मे बिकती है. जिससे देश मे उत्पाद होने वाली लहसुन के दाम पर काफी असर पढता है..
