
रतलाम ( IVNEWS ) मांगलय मंदिर ( जे वी एल ) मे चोरी का प्रयास हुआ. मंदिर के सामान को ट्रक मे भरकर बाहर भेजा जा रहा था. चोरी के प्रयास की लिखित शिकायत मंदिर के मुख़्तायार ने एसपी को मिलकर की है.. शिकायत मे पूर्व मे भी सामान चोरी होने की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की गई है. शिकायतकर्ता ने मंदिर के ही लोगो पर चोरी करने करवाने वालो पर शंका जाहिर करते हुए उनसे अपनी जान को खतरा बताया.

रतलाम एसपी को लक्ष्मीकांत द्विवेदी द्वारा की गई शिकायत मे बताया गया की मांगल्य मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री नारायण साई जी द्वारा मुझे मांगल्य मंदिर ट्रस्ट की संपत्ति को सुरक्षित करने के लिए मुखत्यार नियुक्त किया गया है। मेरे द्वारा औद्योगिक ग्राने में 24 नवम्बर .2024 को मंदिर में हुई चोरी के संबंध में तहरीर दी गई थी। मंदिर के कर्मचारी मोहन और महावीर द्वारा, किसी मंगल नाम के दलाल को मंदिर का पीतल तांबे का सामान बेचने का सौदा किया गया था। जिसकी जानकारी मुझे नहीं थी। मैंने मंदिर के अंदर खड़ी ट्रक में लदा हुआ सामान देखा तो. उसकी फोटो निकाली और ट्रक की नंदिर से बाहर जाने से रोका। जिस पर ये रुके पर जैसे ही मैं रसोई घर में भोजन करने गया, इन्होंने सामान भरा ट्रक मंदिर के गेट से बाहर कर दिया। जब उनको पुलिस कार्यवाही की धमकी दी, तब जाकर इन्होंने गाडी को 2 घंटे बाद वापस गुनाया। जिसकी फोटो गाडी वापस आने के बाद मैंने अपने फोन से लो। गाड़ी की दोनों फोटो का निरीक्षण किया तो आने वाली गाड़ी का सामान कम दिखा । ऐसा अनुमान है कि, 6 से 7 पीतल की बड़ी बड़ी कढ़ाई और 15 से 20 किलो वजनी घंटे तथा कुछ मूल्यवान मुर्तिया धातु की. मार्बल की और कुछ लकडी की नक्काशी किए हुए फ्रेम गायब है। पहले भी मंदिर से सोने चांदी के मुकुट और अन्य मूल्यवान सामान की चोरी हुई है। जिसकी तहरीर थाने में की गई है। मुझे संदेह है कि, इनके दद्वारा इस प्रकार की चोरी को पूर्व में भी अंजाम दिया जाता रहा है। परंतु इन पर कोई कार्यवाही न होने के कारण, इनवे हौसले बढ़ते गए और इस बड़ी चोरी को अंजाम दिया गया है।

मंदिर में समस्त सामान की लिस्ट (डायरी) मंदिर के पुजारी सुदामा के पास होती है जो इन्होंने दबा कर रखें है, ताकि इनके द्वारा की गई चोरी उजागर न हो जाए। लिल्ट (डायरी) प्राप्त होने के बाद पता चलेगा की और कितना सामान गायब हुआ है। मैंने मंदिर के पुजारी सुदाम्म से, मंदिर के समान की लिस्ट (डायरी) मांगी, उन्होंने अभी तक, मुझे नहीं दी है। जबकि पूर्व के मैनेजर स्व. जयंत भाई एवं स्व. सिद्धनाथ अग्रवाल सभी सम्मान की डायरी (लिस्ट) रिकार्ड में रखते थे। 2 दिन से मैं इंतजार कर रहा था कि, सामान वापस आ जाए पर अभी तक सामान वापस नहीं आया है। ऐसा लगता है कि, ये सब हजम करने का प्लान कर चुके हैं। 26 नवम्बर .2024 को भी मेरे द्वारा थाने में 24. नवम्बर 2024 को दी गई शिकायत को वापस लेने का दवाब बना रहे है। मोहन (मोहित) और उसके सहयोगी गुंडे राजनीतिक दवाब बनाकर, मेरी शिकायत पर कार्यवाही होने से रोक रहे है। यहाँ अभी शाम को लोगों का भी एकट्ठा कर रहे थे। मुझे संदेह है कि, कही तेरे ऊपर जानलेवा हमला न हो जाए। 24 नवम्बर 2024 में शाम को जब स्टॉक रूम की चाबी मैंने अपनी कस्टडी में ली तो मोहन (मोहित) के गुंडे ने मुझसे चाबी छीनने के लिए मुझे मारने की कोसिस की। जैसे तैसे मैंने अपने आप को बचा लिया। 26 नवम्बर 2024 में भी मोहन (मोहित) के गुंडों ने मुझे घेरने की कोसिस, परंतु सफल नहीं हुए।
शिकायत मे एसपी से निवेदन किया गया कि, भारतीय न्याय संहिता के नए कानून की धारा 303, 304, 305, 331, 506 के तहत प्रकरण दर्ज कर तत्काल मोहन (मोहित) और मंगल दलाल एवं मंदिर की चोरियों में शामिल मोहन (मोहित) के अन्य सहयोगियों के खिलाफ कार्यवाही कर चोरी किए गए सामान को जब्त करे ।
