रतलाम ivnews

अपने विवादित बयानों के लिए चर्चित रहने वाली भाजपा की फायर ब्रांड नेता पूर्व मुख्यमंत्री साध्वी उमा भारती एक बार फिर चर्चाओ में है, मोहन सरकार के नए नवेले मंत्री चेतन्य काश्यप के विधायक को मिलने वाले वेतन भत्ते नही लेने की घोषणा पर सुश्री भारती ने टियूटर पर टिप्पणी कर राजनीति में अपना कद बताने का प्रयास किया है, उन्होंने मंत्री काश्यप को उक्त राशि कन्याओ की शिक्षा पर खर्च करने की सलाह भी दी, लेकिन उक्त टिप्पणी आते ही मंत्री चेतन्य काश्यप पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती से मिलने पहुंच गए और राजनीति में उक्त बयान मुद्दा बनता उससे पहले ही विराम लगा दिया।

सवाल तो यह उठता है क्या साध्वी उमा भारती उक्त सलाह काश्यप को व्यक्तिगत रूप से नहीं बता सकती थी …? यहां एक सवाल और खड़ा हो गया है कि विधायक चेतन्य काश्यप तीसरी बार के विधायक और पहली बार मंत्री बने है, जब से वे विधान सभा में गए हैं तब से ही किसी प्रकार के वेतन भत्ते नही ले रहे है उनके उक्त दो साल के विधायक कार्यकाल में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने उक्त टिप्पणी कर सलाह क्यों नहीं दी ? मंत्री बनते ही उक्त सलाह क्यों दी ? क्या इस सलाह के पीछे भी कोई राजनेतिक मुद्दा छिपा था ? हालाकि रतलाम शहर विधायक श्री काश्यप ने उमा भारती से मिलकर भी उनकी सलाह पर विचार करने की बात कही है। उद्योगपति विधायक चेतन्य काश्यप वैसे भी हमेशा खेल , शिक्षा और समाज सेवा जैसी गतिविधियों में सक्रिय रहते है। चेतना खेल मेला, प्रतिभा सम्मान, कुपोषित बच्चों के लिए पोषण आहार, जैसे उनके अनेकों प्रकल्प उनके व्यक्तित्व की पहचान बन चुके है।और पूर्व सीएम साध्वी उमा भारती की टिप्पणी केवल राजनेतिक लोकप्रियता हासिल करने का हिस्सा मात्र है।

By V meena

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