रतलाम IV न्यूज

एडवोकेट और विस चुनाव में उम्मीदवार रहे विजय सिंह यादव ने विस चुनाव के मतदान होने के दस दिन बाद जिला न्यायालय में पिटिशन दायर कर भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार को आचार संहिता के उलंघन और चुनाव के दौरान प्रलोभन देकर चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगाया है। याचिकाकर्ता ने दोनो उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित करने की मांग करते हुए उक्त प्रकरण में निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर को भी आरोपी बनाया है। मंगलवार को जिला न्यायलय में श्रीमति ज्योति राठौर न्यायालय न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी, रतलाम (म.प्र.) के समक्ष याचिकाकर्त्ता विजय सिंह यादव पिता राम सिंह यादव यादव                    संस्थापक एवं अध्यक्ष, भारतीय स्वर्णिम युग पार्टी ने चेतन्य काश्यप एवं अन्य साथीगण के विरुद्ध निजी परिवाद अंतर्गत धारा 200 सहपठित 156(3) धारा दंड प्रक्रिया संहिता प्रस्तुत किया हैं। याचिकाकर्ता ने 18 विंदुओ वाले आरोप पत्र में भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों पर मतदान के दौरान मतदान करते फोटो वायरल करने पर अचार संहिता का उलंघन बताया है। वहीं उन्होंने भाजपा के चुनावी नारे नया भारत नया रतलाम को भी कोर्ट में चुनौती दी है। इसी के साथ कांग्रेस उम्मीदवार पारस सकलेचा दादा’ को पूर्व में भी महामहिम राष्ट्रपति द्वारा चुनाव के लिए अयोग्य घोषित किया जा चूका हैं । यह है कि प्रतिप्रार्थीगणो के विरूद्ध सम्बंधित पुलिस अधिकारियों को  23.11.2023 को लेखी शिकायत आवेदन पत्र दिए गए थे ,किन्तु आज दिनांक तक कोई संतोषजनक कार्यवाही नहीं हुई है और प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की गयी हैं । प्रतिप्रार्थीगण मुझ प्रार्थी के साथ कभी भी कोई गंभीर घटना घटित कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में प्रतिप्रार्थीगण के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाना अतिआवश्यक है ।

याचिकाकर्ता ने जिला प्रशासन को भी उक्त प्रकरण में आरोपी बनाते हुए कहा है कि जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अन्य का व्यवहार पूरी तरह से अभ्यर्थी चेतन काश्यप और पारस सकलेचा और उसके सत्तारूढ़ दल को चुनाव में लाभ पहुंचाने के लिए मतदाताओं को लुभाने और आकर्षित करने के लिए पक्षपाती रहा। जिसने यह स्पष्ट है कि जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अन्य द्वारा पक्षपातपूर्ण व्यवहार आदर्श आचरण संहिता के विरुद्ध कारित किया गया है, जिस कारणवश चुनाव स्वच्छ, पारदर्शी एवं निष्पक्ष न होने से निरस्त किये जाने योग्य है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अन्य ने चेतन काश्यप और पारस सकलेचा और उसके राजनीतिक दल को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए मनमाने नियम बनाए और उन्हें लागू किया। उन्होंने चेतन काश्यप और पारस सकलेचा को भ्रष्ट और दूषित आचरण का प्रयोग करके चुनाव जीतने में मदद करने का भी प्रयास किया गया है।

By V meena

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