
रतलाम (IV News)। बारिश की कमी के बीच आगामी गर्मी में संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए नगर निगम ने पानी की चोरी करने वालों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। इसी कड़ी में निगम ने गंगासागर टंकी को भरने वाली मुख्य पेयजल पाइपलाइन से कथित तौर पर अवैध कनेक्शन लेकर RO वाटर प्लांट संचालित करने का मामला पकड़ा है। निगम ने संबंधित संचालक पर ₹33,400 का जुर्माना निर्धारित करते हुए सात दिन के भीतर राशि जमा कराने का नोटिस जारी किया है। निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।
मुख्य पाइपलाइन से अवैध कनेक्शन लेकर चला रहा था RO प्लांट
नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, जवाहर नगर स्थित एल-2 में ‘बड़नगर वाले की दुकान’ के नाम से संचालित RO वाटर प्लांट में भगवतीलाल पिता रामेश्वर द्वारा गंगासागर टंकी को भरने वाली निगम की मुख्य पेयजल पाइपलाइन से अवैध कनेक्शन लेकर पानी का उपयोग किया जा रहा था। निगम के अनुसार, इस पानी का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
मामले का पता चलने के बाद नगर निगम ने अवैध कनेक्शन विच्छेद कर दिया। निगम का कहना है कि इस कार्रवाई के दौरान शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अवैध रूप से पानी लेने का मामला सामने आया है।
60 महीने के शुल्क और पेनल्टी सहित ₹33,400 की राशि
नगर निगम द्वारा जारी नोटिस में भवन एवं भूमियों के कर योग्य संपत्ति मूल्य का निर्धारण नियम, 2020 के उपबंध-2, नियम 15 के अनुसार व्यावसायिक जलकर की गणना की गई है।
निगम के अनुसार, ₹540 प्रतिमाह की दर से 60 माह का व्यावसायिक जलकर ₹32,400 निर्धारित किया गया है। इसके अलावा ₹1,000 की पेनल्टी लगाई गई है। इस तरह कुल ₹33,400 की राशि सात दिन के भीतर नगर निगम कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
राशि जमा नहीं की तो दर्ज होगी FIR
नगर निगम ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि निर्धारित सात दिन की अवधि में राशि जमा नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 के तहत शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के संबंध में पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
पेयजल संकट की आशंका के बीच निगम की सख्ती
बारिश की कमी के चलते आगामी गर्मी में शहर की पेयजल व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है। ऐसे में मुख्य पेयजल पाइपलाइनों से अवैध कनेक्शन लेकर पानी का व्यावसायिक उपयोग करना जल प्रबंधन के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। नगर निगम की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि पेयजल व्यवस्था को प्रभावित करने वाले अवैध कनेक्शनों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
अब देखना होगा कि निगम की यह कार्रवाई शहर में पानी की चोरी पर अंकुश लगाने और पेयजल व्यवस्था को सुरक्षित रखने में कितनी प्रभावी साबित होती है।
