
रतलाम ( ivnews ) कहते है मेहनत की कमाई का पैसा कभी जाया नहीं जाता है ऐसा ही कुछ हुआ एक बैंक अधिकारी के साथ….यह बैंक अधिकारी अमरनाथ यात्रा पर गए थे और वहां से वापस रतलाम लौट रहे थे…..वापसी में इनका एक समान ट्रेन में छूट गया उस समान में नगद राशि और कुछ कागजात थे….. यह परेशान थे लेकिन एक फोन कॉल ने उनकी परेशानी को खुशी में बदल दिया…. यह फोन कॉल किया था मुंबई के एकरेलवे टीटीई ने…. इस टी टी ई को वह सामान ट्रैन मे मिला था और उसने कागजात में मिले मोबाइल नंबर पर कॉल करके बैंक अधिकारी को उसके सामान सुरक्षित होने की सूचना दी और आज यह सामान मुंबई के टी टी ई मे रतलाम आकर बैंक अधिकारी को सोपाआं… बैंक अधिकारी ने टीटी को सादर धन्यवाद और आभार व्यक्त कर किया
रतलाम के इंडसइंड बैंक में काम करने वाले प्रशांत व्यास अपने साथियों के साथ अमरनाथ यात्रा पर गए थे. वापसी में 23 जुलाई को ट्रेन स्वराज एक्सस्प्रेर्स से रतलाम आ रहे थे. भारी बारिश के कारण ट्रेन को रतलाम से पहले बांगरौद रेलवे स्टेशन पर सुबह करीब 6:45 बजे रोक लिया गया था ट्रेन के रुकने के काफी देर बाद तक नहीं चली तो श्री व्यास सहित उनके साथी ट्रेन से अपना सामान लेकर बांगरोद रेलवे स्टेशन पर उतर गए और वहां से रतलाम अपने घर आ गए बांगरोद उतरने की आपाधापी में श्री व्यास का एक समान ट्रेन के अंदर उनकी बर्थ पर ही छूट गया. जब वह घर पहुंचे और उन्होंने वह सामान नहीं दिखा तो पहले उन्होंने अपने साथियों से पूछा जो उनके साथ यात्रा में गए थे.. लेकिन सभी साथियों ने वह सामान उनके पास होने से इनकार किया..श्री व्यास काफी मायूस हो गए. समान छूटने से श्री व्यास दिन भर मायूस रहे लेकिन उनकी मायूसी शाम को खुशी में उसे वक्त बदल गई जब मुंबई से एक फोन कॉल आया उनके मोबाइल पर…..फोन करने वाले मुंबई के टीटी संतोष सिंह थे… उन्होंने बताया कि आपका एक समान ट्रेन की बर्थ पर मुझे मिला है जो मेरे पास सुरक्षित है और इसमें आपकी कागजात और नगद राशि है. टी टी ई ने यह कहा वह 26 जुलाई को ड्यूटी पर रतलाम आएंगे तब उनका सामान उन्हें सपोर्ट कर देंगे आज 26 जुलाई को सुबह मुंबई के टीटीई संतोष सिंह का फोन श्री व्यास के पास आया और कहा कि आप दोपहर 2:00 बजे जाकर रिटर्निंग रूम में मुझसे मिलकर सामान ले लीजिए.श्री व्यास उनके बताएं मुताबिक समय पर रेलवे स्टेशन पहुंचे और रिटायरिंग रूम में टी टी ई संतोष सिंह से मुलाकात की. टीटीई ने उनका उन्हें समान सोपा जिसमें नगद राशि और कागजात थे अपना सामान मिलते ही श्री व्यास का चेहरा खिल गया और उन्होंने मुंबई के टीटी संतोष सिंह को धन्यवाद दिया और आभार व्यक्त किया…श्री व्यास ने कहा कि वह तो यह मान चुके थे उनका सामान अब नहीं मिलने वाला लेकिन संतोष सिंह जैसे ईमानदार रेलवे कर्मचारी की वजह से उन्हें उनका सामान मिल गया जिसे वह काफी प्रसन्न है
