रतलाम ( ivnews) इंदौर मे दूषित पेयजल के कारण हुई मौतो के बाद अब रतलाम जिला प्रसाशन एहतियात बरतने मे जुट गया है. कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने मोरवानी स्तिथ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया. कमिया पाए जाने पर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए निगम आयुक्त को निर्देश दिए.
कलेक्टर ने शहर में चल रहे है पेयजल पाइपलाइन सुधार कार्यों का भी अवलोकन कर आवश्यक निर्देश दिए.

इंदौर के भगीरथ पूरा क्षेत्र मे दूषित पेयजल से हुई मोतो के बाद राज्य सरकार हरकत मे आई. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टर नगर निगम आयुक्त और महापौर के साथ वीडियो कांफ्रेस कर सभी शहरों की पेयजल व्यवस्था को चेक करने और खामिया होने पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए. इसी के चलते रतलाम कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने नगर निगम आयुक्त अनिल भाना, शहर एसडीएम सुश्री आर्ची हरित, नायब तहसीलदार मनोज चौहान, सहित संबंधित अधिकारियों के साथ मोरवानी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया । मोरवनी मे कलेक्टर ने शहरवासियों को प्रदान किए जा रहे पेयजल व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि प्लांट वर्ष 1980 में बनाया गया था तथा शहरवासियों को अल्टरनेट दिवस के आधार पर पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्लांट में जहां भी मरम्मत कार्य आवश्यक है उसका टेंडर कराया जाए, पेयजल का सेम्पल लिये जाने का कार्य निरंतर नियमित रूप से किया जाए तथा वार्ड में भी पेयजल के सेम्पल लिए जाए। अधिकारियों ने बताया कि निरंतर सेम्पल लिए जा रहे है तथा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उज्जैन के अधिकारी भी निरंतर सेम्पल ले रहे है। कलेक्टर ने सेम्पल एवं सफाई व्यवस्था का रजिस्टर चेक किया मौके पर ही पेयजल के नमूने संग्रहित कराए और पानी की जांच कराई। टेक्नीशियन ने बताया कि पानी में टर्बिडिटी, क्लोराईड,कंडक्टिविटी, हार्डनेस, पीएच, ईकोलाई आदि की जांच की सुविधा उपलब्ध है। उन्होने बताया कि पानी की बैक्टीरियल जांच की रिपोर्ट 24 घण्टे में मिल पाती है। कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होने एसडीएम को निर्देशित किया कि वे भी रेंडम आधार पर पेयजल की रिपोर्ट प्राप्त करें।

कलेक्टर ने निगम आयुक्त को निर्देशित किया कि पेयजल व्यवस्था के संबंध में निरोधात्मक कार्यवाही करें, उन्होने कहा कि कार्ययोजना इस प्रकार बनाये कि शिकायत की गुंजाईश न रहें, उन्होने कहा कि शहर में टीम गठित कर सर्वे कार्य प्रारंभ कराए, सर्वे में नालियों में लीकेज, सीवरेज में लीकेज, कंस्ट्रक्शन साइट का चिन्हांकन करें ताकि पेयजल में अशुद्धि मिलने की संभावना न रहे। कमिया पाये जाने पर उन्होंने कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आवश्यकता अनुसार स्टाफ की व्यवस्था की जाए, किसी भी स्थिति में पानी का ओपन सोर्स न रहे। उन्होंने रतलाम शहरी क्षेत्र में करमदी रोड क्षेत्र तथा चांदनी चौक क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्र में जिन जिन वार्डों से गंदे पानी मिलने की शिकायत प्राप्त हो रही है, वहा चल रहे पाइप लाइन सुधार एवं टेस्टिंग कार्य का निरीक्षण किया। चांदनी चौक क्षेत्र में उपस्थित लोगों द्वारा सुलभ काम्पलेक्स एवं वाहन रखने के स्थान संबंधी समस्या बताई गई। कलेक्टर ने उचित निराकरण की बात कही। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभाग के शासकीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यपालन यंत्री सहित 5 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी

कलेक्टर द्वारा मोरवानी स्थित वाटर फिल्टर प्लांट के निरीक्षण के दौरान रजिस्टर में ड्यूटी लिस्ट अनुसार अनुपस्थित कर्मचारी , लेब टेक्नीशियन के पास प्लांट पर आवश्यक सामग्री की अनुपलब्धता एवं प्लांट सफाई के रजिस्टर मेंटेन नहीं होने के कारण आयुक्त नगर निगम अनिल भाना ने जल प्रदाय विभाग के कार्यपालन यंत्री राहुल जाखड़, सहायक यंत्री सुहास पंडित, उपयंत्री भैयालाल चौधरी, उपयंत्री ब्रजेश कुशवाह, उपयंत्री अनुपम मिश्रा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर 3 दिवस मे प्रतिउत्तर प्रस्तुत करने हेतु आदेशित किया है । नियत 3 दिवस में उत्तर प्राप्त न होने पर एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी।

By V meena

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