
रतलाम (ivnews ) इंदौर शहर में सीवरेज लाइन का दूषित पानी पेयजल की पाइपलाइन में मिल जाने की अत्यंत गंभीर घटना सामने आई है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारण न केवल अनेक नागरिक बीमार हुए हैं, बल्कि अब तक 14 लोगों की असमय मृत्यु हो चुकी है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने जिला प्रशासन एवं नगर निगम को सतर्क रहते हुए तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के लिए आगाह किया है। श्री कोठारी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब इस प्रकार की शिकायतें सामने आई हों। पूर्व में भी चौमुखीपूल, घास बाजार, खेरातीवास एवं पैलेस रोड जैसे क्षेत्रों से दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। उस समय मैं स्वयं नागरिकों के साथ नगर निगम कार्यालय पहुंचे था और नगर निगम आयुक्त को शिकायत दर्ज कर तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया था, इसके बावजूद व्यवस्था सुधारने में लगभग 15 दिन का समय लग गया था।
उन्होंने बताया कि समाचार पत्रों में भी समय-समय पर अनेक क्षेत्रों में दूषित जल आपूर्ति की खबरें प्रकाशित होती रही हैं। यह भी देखने में आया है कि जब सीवरेज का पानी पेयजल की लाइन में मिल जाता है, तब नगर निगम अपनी जिम्मेदारी सीवरेज सिस्टम बनाने वाली कंपनी पर डालकर अपने दायित्वों से बचने का प्रयास करता है, वहीं संबंधित कंपनी भी शिकायतों पर समुचित कार्रवाई नहीं करती।
श्री कोठारी ने कहा कि इंदौर की इस दुखद घटना से सबक लेते हुए जनहित में पूरे शहर की सीवरेज एवं पेयजल पाइपलाइनों का गहन एवं तकनीकी परीक्षण किया जाना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कहीं भी सीवरेज का गंदा पानी पेयजल में तो नहीं मिल रहा है। साथ ही, सीवरेज लाइन डालने वाली एजेंसी/कंपनी को तत्काल सुधार के लिए आदेशित किया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में जांच केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि दोषियों की स्पष्ट जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरुद्ध कड़ी की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और आम नागरिकों का जीवन सुरक्षित रह सके.
