रतलाम ( ivnews) रतलाम-नागदा नई रेल लाइन परियोजना मे तीसरी और चौथी रेल लाइन के लिए अधिग्रहण की जाने वाली भूमि को लेकर आज सेकड़ो किसानों ने रतलाम मे मण्डल रेल प्रबंधक कार्यालय पर प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारी किसान रतलाम से नागदा के बीच जिन गांवो से होकर यह रेल लाइन गुजरेगी वहा के निवासी थे. ये सभी किसान सुबह 11 बजे स्थानीय नेहरू स्टेडियम के सामने एकत्रित हुए.यहाँ से सभी किसान रैली के रूप मे मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पहुंचे. किसानों ने यहाँ जमकर नारेबाजी की. किसान मंडल रेल कार्यालय परिसर मे जमीन पर बैठ गए. किसानो के आने की सुचना पर मंडल रेल प्रबंधक अश्विन कुमार निचे आये. किसानों से चर्चा कर उनकी बात को सुना. किसानों ने मंडल रेल प्रबंधक अश्विनी कुमार को ज्ञापन दिया.

ज्ञापन मे किसानों का कहना है रतलाम से नागदा नई रेल लाइन बिछाने के लिए रेलवे विभाग द्वारा जिस भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है. वह अधिकांशतः अत्यंत उपजाऊ एवं किसानों की जीविका का मुख्य आधार है। वर्तमान सर्वे में जिन खेतों को अधिग्रहण में लिया जा रहा है, वे आर्थिक दृष्टि से कीमती एवं उत्पादक भूमि है. जिस पर सैकड़ों किसान परिवार निर्भर हैं।


दीपा खेड़ी क्षेत्र में जो ओवर ब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है, उससे भी बड़ी संख्या में किसान प्रभावित हो रहे हैं। इस निर्माण के कारण व्यापक भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिसे पुनः विचार कर निरस्त किया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि अनावश्यक रूप से अधिक भूमि अधिग्रहित न हो।
ज्ञापन मे यह भी मांग की गई की नई रेल लाइन को वर्तमान पुरानी लाइन के समीप से ही निकाला जाए। दो नई लाइने भी यदि आवश्यक हों, तो दोनों ओर से वर्तमान लाइन के पास ही निकाली जा सकती हैं। इससे पहले से अधिकृत रेलवे भूमि का उचित उपयोग हो जाएगा, किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि बच जाएगी, सैकड़ों किसानों का आजीविका संकट नहीं होगा।
भूमि अधिग्रहण का दायरा भी कम हो जाएगा.
किसानों ने ज्ञापन मे वर्तमान सर्वे का पुनः परीक्षण कराया जाए, किसानों की उपजाऊ भूमि को अधिग्रहण से बचाया जाए, ओवर ब्रिज जैसे प्रस्तावों पर पुनर्विचार कर उन्हें निरस्त किया जाए, तथा जिन किसानों की भूमि, घर अधिग्रहित की जा रही है, उन्हें उचित पुनर्वास, नौकरी, अथवा स्थायी पुनर्स्थापना की व्यवस्था प्रदान की जाए। आपकी कृपा से सैकड़ों किसान परिवारों की आजीविका सुरक्षित रहेगी। किसानों के इस प्रदर्शन मे नागदा,खाचरोद और रतलाम ग्रामीण क्षेत्र के प्रभावित गांवो के किसान बड़ी संख्या मे शामिल हुए थे.

परियोजना का विवरण…..

नागदा-रतलाम नई रेल लाइन परियोजना में मुख्य रूप से 41 किलोमीटर लंबे खंड पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने का काम शामिल है, जिसकी अनुमानित लागत ₹1018 करोड़ है, जिससे क्षेत्र की रेल क्षमता बढ़ेगी और पश्चिमी बंदरगाहों से कनेक्टिविटी सुधरेगी; इसके अलावा, नागदा में 13.70 किमी की बायपास लाइन भी बन रही है, जो दिल्ली-मुंबई मार्ग से आने-जाने वाली ट्रेनों का समय बचाएगी और सिंहस्थ जैसे आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण है.
मुख्य परियोजनाएँ और विवरण:
रतलाम-नागदा (तीसरी और चौथी लाइन):
लंबाई: 41.4 किलोमीटर.
लागत: लगभग ₹1,018 करोड़.
उद्देश्य: लाइन क्षमता को 116% से घटाकर 65% करना, जिससे माल ढुलाई और यात्री यातायात बढ़ेगा.
लाभ: मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को कांडला, मुंद्रा, हजीरा जैसे पश्चिमी बंदरगाहों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी.
नागदा बायपास लाइन (रोहल खुर्द-भाटीसूड़ा):
लंबाई: 13.70 किलोमीटर.
उद्देश्य: दिल्ली-मथुरा-कोटा से उज्जैन-इंदौर जाने वाली ट्रेनों को नागदा में इंजन बदलने की जरूरत नहीं होगी, जिससे यात्रियों का 30 मिनट से 2 घंटे तक का समय बचेगा.
लागत: लगभग ₹390.36 करोड़ (अनुमानित).
परियोजनाओं से जुड़े अन्य पहलू:
औद्योगिक विकास: इन लाइनों से दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे (DMIC) और अन्य SEZ (Special Economic Zones) को सीधा लाभ मिलेगा.
रोजगार: इन परियोजनाओं से लगभग 28 लाख मानव-दिवस का रोजगार उत्पन्न होने की उम्मीद है.
पर्यावरण: कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जो कई करोड़ पेड़ों के बराबर है.
सिंहस्थ (2028): उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए रेल यातायात को सुगम बनाने में मदद मिलेगी.

By V meena

You missed

error: Content is protected !!