रतलाम/ रतलाम विधायक चेतन्य काश्यप ने गुरूवार को राज्य विधानसभा में वेतन-भत्ते एवं पेंशन के समर्पण की घोषणा की। वे 2014 से लगातार विधायक है। इसी अवधि से वे वेतन भत्ते ग्रहण नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे राजनीति में जनसेवा के लिये आये हैं। राजनीति उनके लिये साध्य नहीं, सिर्फ जनसेवा का साधन मात्र है। राष्ट्रसेवा और जनसेवा उनका ध्येय है। वे किशोर अवस्था से ही समाज सेवा के कार्यों में अग्रसर है तथा अनेक सेवा प्रकल्पों का संचालन कर रहे हैं।

श्री काश्यप का कहना है कि ईश्वर ने उन्हें इस योग्य बनाया है कि वे जनसेवा में थोड़ा सा अवदान कर सकें। इसी तारतम्य में उन्होंने विधायक के रूप में प्राप्त होने वाले वेतन-भत्तों एवं पेंशन नहीं लेने का निश्चय किया है। 14 वीं एवं 15 वीं विधानसभा में भी उन्होंने वेतन-भत्ते ग्रहण नहीं किए थे ।

अपनी घोषणा में उन्होंने उल्लेख किया है कि वे चाहते हैं कि उन्हें प्राप्त होने वाले वेतन-भत्तों की राशि का राज्यकोष से ही आहरण नहीं हो, ताकि उस राशि का सदुपयोग प्रदेश के विकास और जनहित के कार्यों में हो सके।

By V meena

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