जिला शिक्षा केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मचारियों के एनपीएस की राशि जमा करने में घोटाला हो गया है? लगभग 8 माह से करीब डेढ़ सौ कर्मचारियों की करीब दो करोड़ से अधिक की राशि अभी तक एनपीएस में जमा नही हुई है। प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मचारियों को इससे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कर्मचारियों द्वारा राशि जमा नही होने की जानकारी मांगी जाने पर विभाग के आला अधिकारी चुप्पी साधे हुए है।

रतलाम जिले में जिला शिक्षा केंद्र रतलाम में उसके अंतर्गत जनपद शिक्षा केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों के वेतन से काटे जाने वाला एनपीएस का 10% अंशदान प्रतिमाह वेतन में से जो काटा जा रहा है। लेकिन जिला शिक्षा केंद्र में विभाग की एपीसी वित्त की उदासीनता के चलते एनपीएस खाते में समय पर जमा नहीं किया जा रहा है। यह राशि क्यो वह कर्मचारियों के खाते में जमा नही कर रहे है इस बात का भी कोई सही जवाब विभाग के अधिकारी नही दे रहे है। वर्तमान में भी पिछले 8 माह से अंशदान राशि जमा नहीं की जा रही है जिससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।एक कर्मचारी के वेतन से 10% अंशदान काटा जाता है यानी 7000 के लगभग और कम से कम डेड सो कर्मचारी कार्यरत हैं इसे मान से 1050000 प्रतिमाह काटा जा रहा है और पिछले 8 माह से जमा नहीं किया जा रहा है तो इन सब कर्मचारियों का ₹8400000 आज तक जमा नहीं हुआ है और इस 10% अंशदान के साथ शासन की तरफ से 14% राशि मिलाकर की जाती है यानी 10 हजार के लगभग तो एक कर्मचारी का 17 हजार के लगभग राशि एनपीएस खाते में जमा होती है। पिछले 8 माह की लगभग 2 करोड़ 40 लाख की राशि आज तक कर्मचारियों के खाते में जमा नहीं हुए हैं जिसके कारण कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है क्योंकि एनपीएस में रुपया जमा होता है और शेयर बाजार बढ़त करता है तो कर्मचारी की राशि में बढ़ोतरी होती है। लेकिन कर्मचारी यहां भी अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है इसके अलावा भी कर्मचारी वरिष्ठ कार्यालय में अपनी समस्या रखते हैं तो हर बार कहा जाता है कि आवेदन दे दो जबकि उसका कोई निराकरण नहीं किया जाता है। इसी प्रकार व्हाट्सएप पर समस्या बताई जाती है तो समस्या खत्म करने के बजाय व्हाट्सएप ग्रुप खत्म कर दिया जाता है ताकि कोई और आर्थिक संबंध में प्रश्न ना कर सके। नाम ना बताने की शर्त पर एक पूर्व जनशिक्षक ने बताया कि हमारे भी 14 माह की राशि आज दिनांक तक जमा नहीं की गई जिसके कारण एक शिक्षक को ढाई लाख का नुकसान उठाना पड़ा है। बार-बार वरिष्ठ कार्यालय में आवेदन देने के बाद उसका निराकरण नहीं होने से सीएम हेल्पलाइन शिकायत कर रखी है लेकिन उसका भी आज दिनांक तक निराकरण नहीं हुआ। जन शिक्षकों का कहना है कि शायद उन्होंने यहां प्रतिनियुक्ति पर आकर जीवन की सबसे बड़ी भूल की है।

By V meena

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