
रतलांम सैलाना बस स्टेंड स्थित मिशन कंपाउंड की बेशकीमती जमीन के मामले में में दिन ब दिन नए नए मोड़ आ रहे है। इस जमीन को लेकर ईसाई समाज के ही कई दावेदार सामने आए है। इससे ईसाई समाज की फुट सामने दिखाई दे रही है जिसका लाभ प्रसाशन उठाकर जमीन को अपनी बनाने में जुट गया है।इस जमीन पर हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर भी हाइकोर्ट पहुचने वाली ईसाई समाज की संस्थाओं की संख्या भी बढ़ गयी है।
चर्च ऑफ इंडिया आईसीटी एमपी के स्टेट कॉर्डिनेटर जुडिसरी के डॉ अनिल सेम्युअल द्वारा आज एक पत्रकार वार्ता लेकर इस जमीन के विवाद में नया मोड़ लाकर खड़ा कर दिया डॉ अनिल सेम्युअल ने पत्रकारो को बताया कि इस जमीन पर अतिक्रमण बताकर जो तोड़फोड़ की करवाई की गई है वह पूरी तरह से एकपक्षीय है। इस मामले में कोर्ट के स्टे और सूचना का अधिकार की जानकारी पत्रकारों के समक्ष साझा करते हुए उन्होंने बताया की प्रशासनिक विभाग नगर पालिका निगम ,कलेक्टर ऑफिस, एसडीएम कार्यालय से सूचना का अधिकार अधिनियम में जानकारी मांगने पर जवाब में बताया की विभाग द्वारा अतिक्रमण कार्यवाही को लेकर कोई आदेश जारी नही किया गया है । तो फिर तोड़फोड़ आखिर किसके आदेश पर हुई।डॉ सेम्युअल द्वारा बताया कि यह जमीन ब्रिटिश शासन के समय से (करीब अट्ठारह सौ सदी) यह जमीन ब्रिटिश शासन ने समाज को दी थी। उन्होंने भूमि के 1956–57 के खाता खसरा भी बताते हुए कहा की प्रशासन द्वारा जमीन के खाता खसरा में बदलाव कर जमीन को हड़पने की योजना है। प्रसाशन की इस योजना को देखते हुए अब हाईकोर्ट इंदौर न्यायालय में स्टे लेकर केस चलाया गया है।
डॉ सेम्युअल ने बताया कि वर्षों से यह जमीन हमारी निजी चली आ रही है लेकिन प्रशासन इसे हड़पना चाहता है एक पक्षी कार्रवाई कर आमजन को परेशान करना चाहता है। इस पत्रकारवार्ता में डॉ अनिल सेम्युअल ने सबसे बड़ी बात यह खुलासा करते हुए बताई को वर्तमान में मिशन कंपाउंड में रह रहे समाज के लोगो की संस्था सीएनआई फर्जी संस्था है।
फर्स्ट चर्च के फास्टर ने कहा की हमारे द्वारा डॉ अनिल सेम्युअल के खिलाफ पूर्व में भ्रामक जानकारी और रजिस्टर्ड संस्था सीएनआई को फर्जी कहने पर मानहानि की कार्यवाही की जा चुकी है और वर्तमान में प्रेस वार्ता कर भ्रामक जानकारी देने और सीएनआई संस्था को फर्जी कहने पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

